घाटशिला: पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला के जगदीश चंद्र हाई स्कूल परिसर में स्थित आशा ऑडिटोरियम में गुरुवार को जगदीश चंद्र उच्च विद्यालय की ओर से झारखंड में बांग्ला भाषा संकट एवं उसका समाधान विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार का शुभारंभ जमशेदपुर स्थित करीम सिटी कॉलेज के बांग्ला विभागाध्यक्ष डॉ वैद्यनाथ त्रिपाठी, घाटशिला कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ आरके चौधरी, सुवर्णरखा कॉलेज झाड़ग्राम के प्रो लखिंद्र पोलाई, डॉ तपन मंडल, डॉ संदीप चंद्र, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तापस चटर्जी, सचिव मनोरंजन बक्शी, प्राचार्या रीता मंडल सहित अन्य लोगों ने दीप प्रज्वलित कर किया.(नीचे भी पढ़े)

इसके पश्चात रविंद्र संगीत प्रस्तुति और विद्यालय की छात्राओं द्वारा समूह नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया. सेमिनार में अतिथियों का स्वागत जेसी स्कूल के प्रबंधक समिति के अध्यक्ष तापस चटर्जी ने स्वागत भाषण से किया. इसके साथ ही साथ उपस्थित अतिथियों को अंग वस्त्र एवं मोमेंटो देकर स्वागत किया. इस मौके पर बांग्ला भाषा के विकास के लिए लड़ते है वैसे 9 संगठन को सम्मानित किया गया. जिसमें इवनिंग क्लब मऊभंडार, संस्कृति संसद दाहीगोड़ा, नेताजी पाठागार मऊभंडार, विभूति स्मृति संसद कॉलेज रोड, काशिदा एथलेटिक क्लब, गौरीकुंज उन्नयन समिति दाहीगोडा, निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन घाटशिला, झारखंड बंगला भाषा समिति, अनंत लाल महतो, प्रिंसिपल डॉ आरके चौधरी, स्कूल की पूर्व शिक्षिका डॉ रत्ना वि मुखर्जी, तनुका चक्रवर्ती, सुशांत प्रामाणिक, अपूर्व घोष को सम्मानित किया गया. (नीचे भी पढ़े)

इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉ त्रिपाठी ने विभिन्न संगठनों और भाषा प्रेमियों से बांग्ला भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए एकजुट होने की अपील की. उन्होंने इस दिशा में आंदोलनात्मक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि संगठित प्रयासों से ही बांग्ला भाषा की समृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है और इसके समक्ष उत्पन्न चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है. श्री त्रिपाठी ने कहा कि भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है. इसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा. इस मौके पर मनोरंजन बख्शी, शिल्पी सरकार, कंचन कर, नीलू दत्ता, उत्तम कुमार सिन्हा, मृणाल कांति विश्वास, अमिता बोस, पूर्णिया राय, प्रदीप भद्र, प्रदीप शील समेत विद्यालय के छात्र- छात्राएं, शिक्षिक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे.



