सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले में शैक्षणिक माहौल दिनोंदिन बिगड़ता जा रहा है. ताजा मामला कुकुडू स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय का है, जहां शनिवार को 9वीं एवं 10वीं की छात्राओं ने जमकर बवाल किया. विवाद बढ़ता देख वार्डन रेखा ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया. (नीचे भी पढ़ें)
दरअसल शनिवार को यहां विद्यालय प्रबंधन समिति के चुनाव को लेकर बैठक बुलाई गई थी. इस दौरान छात्राएं अपनी पीड़ा बयां करना चाहती थीं. इस दौरान कई अभिभावक भी वहां मौजूद थे. वार्डन को जैसे ही इसकी भनक लगी उन्होंने छात्राओं को एक कमरे में बंद करा दिया. इसके खिलाफ छात्राएं हंगामा करने लगीं जिसके कारण छात्राओं को कमरे से बाहर निकालना पड़ा. किन्तु भेद खुलता देख वार्डन ने खुद को कमरे में कैद कर लिया. विवाद का कारण बीते 14 जनवरी की छुट्टी से जुड़ा है. जहां सरकार के आदेश के बाद भी स्कूल में छुट्टी नहीं दी गई और रोज की तरह कक्षाएं चलाई गई थीं. सूत्रों की मानें तो इस अवधि में वार्डन ने अनुपस्थित रहनेवाली छात्राओं से 50-50 रुपए वसूले थे. विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जाना था, जिसको लेकर वार्डन ने यह कदम उठाया. (नीचे भी पढ़ें)
बताया जाता है कि वार्डन जिला शिक्षा पदाधिकारी संतोष गुप्ता की खास हैं और उनके इशारे पर ही मनमाने तरीके से फरमान जारी करती हैं. आपको बता दें कि सरायकेला-खरसावां जिले में लगातार शैक्षणिक माहौल बिगड़ रहा है. इसके पीछे का मुख्य कारण जिला शिक्षा पदाधिकारी का तानाशाही रवैया है. मालूम हो कि शुक्रवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी के तुगलक्की फरमान की वजह से जिला मुख्यालय स्थित एनआर गवर्नमेंट सीएम एक्सीलेंस स्कूल की प्रभारी प्राचार्य मूर्छित हो गई थीं. इसको लेकर काफी हो हंगामा मचा हुआ है. झामुमो ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को हटाने की मांग कर डाली है. उधर कुकड़ू की घटना के बाद एक बार फिर से जिला शिक्षा पदाधिकारी सवालों के घेरे में आ गए हैं.



