रामगोपाल जेना,चाईबासा: ईचा-खरकई बांध विरोधी संघ कोल्हान 4 अप्रैल 2025 को सादगीपूर्ण तरीके से वीर शहीद गंगाराम उर्फ रामनारायण कालुंडिया का 43वां शहादत दिवस मनाएगा. स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना (ईचा डैम) के विरोध के नेतृत्वकर्ता और संघ के संस्थापक ने ही कोल्हान में 87 गांव को एकजुट का विस्थापन के विरुद्ध बिगुल फूंका था.(नीचे भी पढ़े)
ओड़िशा और बिहार सरकार की पुलिस ने छलकपट से राष्ट्रपति पदक से अलंकृत वीर योद्दा को गोलियों से मार दिया था. फिर भी उनकी आवाज को नहीं दबा पाई. उनके नेतृत्व वाली संघ के पदाधिकारी और विस्थापितों ने उनके लड़ाई को जारी रखा. वर्तमान संघ अध्यक्ष बीर सिंह बिरुली के नेतृत्व में जनांदोलन और कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है. विगत वर्ष 16 मार्च 2024 को तुईबाना में संघ का पुनर्गठन किया गया था. (नीचे भी पढ़े)
विस्थापितों को विगत जनवरी में उच्च न्यायालय झारखंड में बड़ी सफलता मिली है. तत्काल डैम निर्माण कार्य बंद है. हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वीर शहीद गंगाराम कालुंडिया का शहादत दिवस सादगी पूर्ण तरीके से मनाया जाएगा. इस मौके पर शहीद के वंशज सुभाष कालुंडिया, सावित्री माई कालुंडिया, हीरामोती माई कालुंडिया, रेयांश समाड, हरीश अल्डा, मुकेश कालुंडिया, रविन्द्र अल्डा, बिरसा गोडसोरा, गुलिया कालुंडिया, श्यामा कुदादा,मानसा बोदरा और ग्रामीण उपस्थित थे.



