जमशेदपुर : जमशेदपुर की कदमा श्रमिक सहयोग समिति लिमिटेड के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को सचिव उदय प्रताप सिंह के नेतृत्व में उपायुक्त से मिलकर राज्य के अंतर्गत निबंधित सहकारी श्रमिक सहयोग समिति को प्राथमिकता के आधार पर कार्य आवंटित करने की मांग की है. प्रतिनिधिमंडल ने इसके लिए उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा. ज्ञापन में बताया गया है कि उनकी श्रमिक सहयोग समिति जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति में 2004 से अपनी सेवा दे रही है और सरकारी नियमों का पालन भी कर रही है. सरकारी नियमानुसार हर 5 वर्ष में रजिस्ट्रेशन रिन्युअल करवाने का नियम रहने के कारण अभी वे रिन्युअल नहीं हो पाया है, जिसके कारण पार्किंग का टेंडर पेपर लेने में समिति असमर्थ थी और अब तक 4 बार टेंडर रद्द हो चुका है. (नीचे भी पढ़ें)
वे जमशेदपुर अक्षेस के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण कुमार के पास सरकार के सचिवालय के आदेश की कॉपी लेकर गये, जिसपर उन्हें केवल मौखिक आश्वासन दिया गया कि टेंडर रद्द होने पर उस कार्य को समिति को आवंटित कर दिया जायेगा, परंतु ऐसा नहीं हुआ. इसके पश्चात उनके द्वारा समिति के सदस्यों को लगातार डराया धमकाया जाने लगा और जेल भेजवाने की धमकी दी जाने लगी. उन्होंने बताया कि उनकी समिति में कुल 65 सदस्य काम करते हैं. उन्होंने अपील की है कि उपायुक्त सरकारी आदेश का पलान करते हुए समिति को विभागीय कार्य आवंटित कराने की कृपा करें. वहीं, उन्होंने जमशेदपुर अक्षेस के उप नगर आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग भी की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि जमशेदपुर अक्षेस के उप नगर आयुक्त अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं. जमशेदपुर अक्षेस में विभागीय पार्किंग का खेल चल रहा है, जिससे सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है.



