जमशेदपुर : झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के चुनाव की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. कल (रविवार को) चुनाव के लिए मतदान होना है, जिसके लिए अध्यक्ष पद के दोनों प्रत्याशियों ने पूरा जोर लगा दिया है. लेकिन इस बीच चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही गतिविधियों से चुनाव पर बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जाने लगी है. जमशेदपुर के जुगसलाई मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष लिपु शर्मा ने वर्तमान प्रांतीय अध्यक्ष सह प्रत्याशी बसंत कुमार मित्तल के खिलाफ सोशल मीडिया में अनर्गल बातें फैलाने एवं चरित्र हनन की साजिश किये जाने का आरोप लगाते हुए समाज के मतदाता बंधुओं से आरोप नहीं, काम देखने का अग्रह किया है. उन्होंने मतदाताओं से आरोप नहीं, काम को देखते हुए एक कर्मठ समाजसेवी को दोबारा अवसर प्रदान करने की अपील की है. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि कल, रविवार को झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के नये अध्यक्ष के चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है. इस पद के लिए वर्तमान अध्यक्ष बसंत कुमार मित्तल एवं रांची के सुरेश अग्रवाल चुनाव मैदान में हैं. बसंत मित्तल सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में अपना एक कार्यकाल पूरा कर दूसरी बार भी चुनाव मैदान में हैं. उनके पास लोगों को बताने के लिए अपने कार्यकाल की उपलब्धियां तो हैं ही, साथ ही उनका अपना सौम्य एवं कर्मठ व्यक्तित्व भी है. किन्तु विगत कुछ समय से सोशल मीडिया में उनके खिलाफ दुष्प्रचार की एक मुहिम सी चलती दिख रही है, जिसमें श्री मित्तल के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाते हुए उनके चरित्र हनन की कोशिश होती दिख रही है, जिस पर समाज के विभिन्न वर्गों से प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. (नीचे भी पढ़ें)
मारवाड़ी सम्मेलन की जुगसलाई शाखा के अध्यक्ष लिपु शर्मा ने संगठन के मतदाताओं से सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार पर ध्यान नहीं देते हुए मतदाताओं से थोथे शब्दों की गूंज नहीं, ठोस कार्यों की प्रतिध्वनि सुनने की अपील की है. उन्होंने बसंत कुमार मित्तल के कार्यकाल को उपलब्धियों की गाथा बताया है जो समाज को जोड़ते हुए संगठन को सशक्त बनाने एवं नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए समर्पित रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
लिपु शर्मा ने कहा है कि श्री मित्तल ने अपने कार्यकाल में सशक्त सदस्यता अभियान चलाकर संगठन से हजारों सदस्यों को संगठन से जोड़ते हुए संगठन को पूरे झारखंड में मजबूती से खड़ा करते हुए उसे व्यापक विस्तार दिलाया है. श्री मित्तल को सम्मेलन का अपना कार्यालय भवन बनवाने का श्रेय दिया. उन्होंने कहा कि बसंत मित्तल ने संगठन को जीवंत रखने के लिए दर्जनों प्रांतीय बैठकें, प्रमंडलीय अधिवेशन, प्रांतीय सभाएं एवं व्यक्तिगत स्तर पर संवाद आयोजित कराकर हर जिले, हर शाखा को प्रत्यक्ष संवाद से जोड़ने की कोशिश की. यही नहीं, उन्होंने कहा कि जहां कई नेता सिर्फ मंचों व व्हाट्स ऐप तक ही सीमित रहते हैं, वहीं श्री मित्तल हर जिले की हर शाखा तक पहुंचे और धनबाद से चतरा, पलामू से पूर्वी सिंहभूम तक आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर जमीनी समस्याओं का समाधान भी दिया. (नीचे भी पढ़ें)
कोविड महामारी के काल में ‘कोई भूखा न सोये’ अभियान चलाकर श्री मित्तल ने तब हजारों परिवारों तक राशन एवं दवाइयां पहुंचाईं, जब उनके पास न कोई मंच था और न ही संसाधन. उन्होंने बस सेवा की भावना से काम किया. यही नहीं, सांगठनिक तौर पर युवा मंच, महिला समितियों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को संगठन के साझेदार के रूप में जोड़ने का सराहनीय कार्य भी किया. (नीचे भी पढ़ें)
लिपु ने कहा कि इसके बाद भी श्री मित्तल के विरोधियों ने उनके खिलाफ अनर्गल प्रचार का अभियान छेड़ रखा है एवं सोशल मीडिया में उनके खिलाफ अनर्गल आरोप भी लगाए जा रहे हैं. उन पर नया संगठन बनाने का आरोप लगाकर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई. जबकि, उन्होंने कहा, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन को मजबूती प्रदान करने के लिए ही ट्रस्ट आदि बनाए गए, जिनका उद्देश्य समाज को जोड़ना था, तोड़ना नहीं. उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों के पीछे राजनीतिक मानसिकता काम कर रही है. इसी तरह श्री मित्तल पर धन संग्रह के लगाये जा रहे आरोपों को पूर्णतः निराधार और दुर्भावना पूर्ण बताते हुए कहा कि जिस ट्रस्ट की बात की जा रही है वह समाज हित में काम कर रहा है एवं उसके सारे विवरण पारदर्शी रूप से प्रस्तुत किये गए हैं. फिर भी, अगर किसी को संदेह था तो वह उसे संस्थान के अंदर ही स्पष्ट करा सकता था, न कि चुनाव के समय हथकंडे के रूप में प्रयोग करता. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि संगठन में नेतृत्व की असली कसौटी सामूहिक विश्वास और क्लीयर विजन होता है. बसंत मित्तल ने हर बार संगठन को ही अपनी शक्ति बताया है. वे सुनो सबकी, सोचो समाज के लिए और निर्णय संगठन हित में लेने की नीति पर काम करते हैं. लिपु शर्मा ने इसके आलोक में मतदाताओं से रविवार, 13 अप्रैल को होने जा रहे चुनाव को दो व्यक्तियों नहीं बल्कि काम एवं परछाईं के बीच चुनाव करार देते हुए सवाल किया है कि वे संगठन को जीवंत करने वाले श्री मित्तल को अपना मत देंगे या कुछ नकारात्मक लोगों द्वारा व्हाट्सएप पर झूठ का रायता फैलानेवालों द्वारा सुझाये गये मैदान से हमेशा गायब रहने वाले को. उन्होंने विकास के लिए बसंत मित्तल को चुनने का आग्रह करते हुए मतदाताओं को याद दिलाया है कि यह चुनाव झारखंड मारवाड़ी समाज के भविष्य की दिशा तय करेगा. इसलिए उन्होंने झूठ और भ्रम से ऊपर उठ कर सच्चाई एवं सेवा के पक्ष में खड़े रहने का आह्वान किया है. (नीचे भी पढ़ें)
बसंत मित्तल के खिलाफ झूठे प्रचार में लगे लोगों को निठल्लों की साजिश करार देते हुए उन्होंने कहा कि सदस्यता खत्म करने का किया जा रहा दुष्प्रचार ऐसे लोग ही कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि संगठन में अनुशासन की बात करना सदस्यता समाप्त करना नहीं. बल्कि उलटे सवाल यह उठता है कि यह प्रश्न पूछ कौन रहा है, जिसकी वर्षों से सम्मेलन के आयोजनों में परछाईं तक नहीं दिखी है? उन्होंने इसे सच्चाई एवं अफवाहों के बीच चुनाव बताते हुए संगठन में संस्कार, संगठन एवं स्वाभिमान के प्रतीक बसंत मित्तल के लिए ही मतदान करने की अपील की है.



