रांची : झारखंड की राजधानी रांची से सटे सिल्ली के मारतु गांव से दलमा से भागकर पहुंचे बाघ को पकड़ लिया गया है. उसको पलामू के बेतला नेशनल पार्क की टीम के साथ बिरसा जैविक उद्यान के कर्मचारियों की मदद से पकड़ा गया और फिर उसको पलामू टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट ले जाया जा रहाहै. बाघ पूरी तरह सुरक्षित है. उसको बिना बेहोश किये हुए ही पकड़ा गया है. दरअसल, दलमा से भागकर खूंटी और फिर सिल्ली पहुंचा यह बाघ सिल्ली प्रखंड के कोचो पंचायत के मारदू गांव पहुंचा था. वह पुरंदर महतो नामक ग्रामीण के कमरे में अचानक घुस गया. आहट सुनकर उसने टार्च जब जलायी तो वह कांप गया. (नीचे भी पढ़े)

कमरे के अंदर बाघ घुस आया था. पुरंदर महतो ने समझदारी से काम लिया और बाध को बिना छेड़े और शोर मचाये, कमरे से बाहर निकल गया और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया. सबसे चौकांने वाली बात तो यह थी कि जिस घर में वह बाघ घुसा था, उसमें दो छोटी बच्चियां भी सो रही थी. बाघ ने बच्चियों को कुछ नही किया. इसके बाद ग्रामीण पुरंदर महतो ने बच्चियों के कमरे से बाहर निकलने पर बाहर से ताला बंद कर दिया. इउसके बाद वन विभाग को सूचित किया गया. पूरे गांव में सनसनी फैल गयी. (नीचे भी पढ़े)
फिर वन विभाग की टीम ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन ऑथोरिटी से बात करने के बाद उसको पकड़ा गया. बाघ जिस कमरे में था, उस कमरे के मुंहाने पर ही पिंजड़ा का मुंह लगा दिया गया और दरवाजा खोजा गया. इसके बाद बाघ जब बाहर निकला तो सीधे पिंजड़े में कैद हो गया. इसके बाद उसको बेहोशी का हल्का डोज दिया गया ताकि उसको घबराहट नही हो क्योंकि बाघ को देखने के लिए काफी भीड़ लग गयी थी.



