जमशेदपुर : साहित्य, ललितकला एवं रंगमंच को समर्पित अखिल भारतीय संस्था, संस्कार भारती की जमशेदपुर महानगर इकाई और नगर की साहित्यिक संस्था सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन के संयुक्त तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शनिवार को श्रीकृष्ण बाल रूप सज्जा का आयोजन किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
भारतीय सभ्यता, संस्कृति और दर्शन को समर्पित आज 23 अगस्त 2025 को 02 वर्ष से 04 वर्ष तक के ग्रुप A तथा 05 वर्ष से 07 आयु वर्ग ग्रुप B के बालक- बालिकाओं के लिए “श्रीकृष्ण बाल रुप सज्जा” प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया. प्रत्येक प्रतिभागी को मंच पर प्रस्तुति के लिए अधिकतम 1 मिनट का समय दिया गया. भारतीय संस्कृति के उत्कृष्ट मूल्यों की प्रतिष्ठा की दृष्टि से श्री कृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता संस्कार भारती की सभी इकाइयों में प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाती है. (नीचे भी पढ़ें)
संस्कार भारती जमशेदपुर के आयाम ‘तरुण प्रभा’ के अंतर्गत डीएवी एनआइटी के शिक्षक नीलांजन चौधरी की देखरेख में संस्कार भारती ध्येय गीत का एवं सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शास्त्रीनगर के विद्यार्थियों के शंख वादन से बाल कृष्ण रूप में आये प्रतिभागियों के स्वागत से विधिवत आरती से कार्यक्रम का उदघाटन हुआ. स्वागत भाषण में अध्यक्ष डॉ रागिनी भूषण ने कहा कि ऐसे आयोजनों में योगीराज कृष्ण के लोक रंजन रूप के दर्शन होना सौभाग्य की बात है. मुख्य अतिथि शिवशंकर सिंह के आशीर्वचनों से प्रतिभागी लाभान्वित हुए. तुलसी भवन के उपाध्यक्ष रामनंदन प्रसाद, डॉ. मुदिता चंद्रा, शकुंतला पाठक, संहिता राणा मिश्रा श्री संतोष कुमार एवं इकाई के सभी माननीय सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा. न इस स्पर्धा में निर्धारित आयु वर्ग के करीब 149 बाल गोपालों ने भाव-भंगिमाओं से उपस्थित सुधीजनों को श्रद्धा- भक्ति में आत्मविभोर कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
संस्कार भारती जमशेदपुर इकाई की सदस्या (संगीतविद्) नूपुर गोस्वामी ने कृष्ण भजन, नृत्य विधा प्रमुख सुधा सिंह दीप’ की शिष्याओं ने रास और कृष्ण भजन पर मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति की. तरुण प्रभा संयोजक राजेन्द्र साह `राज ने श्रीकृष्ण जी के 108 नामों को गीतबद्ध किया एवं सदस्य नीलाम्बर चौधरी ने कृष्ण भजन प्रस्तुत कर सभागार को संगीतमय बनाकर अपनी संस्कृति संवर्धन में आहुति दी, तुलसी भवन साहित्य समिति से वीणा पांडेय एवं सभी महिला साहित्यकारों की उपस्थिति सराहनीय रही. निर्णायक मंडली में अनीता सिंह (प्रांतीय नाट्य विधा सहसंयोजक) एवं प्रसन्न वदन मेहता आदि भी उपस्थित रहे.



