जमशेदपुर : टाटा स्टील बदलाव के दौर से गुजर रहा है. कंपनी तेजी से बदल रही है. इस कड़ी में नये लोगों को जोड़ा जा रहा है जबकि कई लोगों को तोड़ने की कोशिश भी शुरू की गयी है. इसके तहत कंपनी जर्मनी की कंपनी माट्रेड के साथ अपने 25 साल पुराने रिश्ते को खत्म करने जा रही है. यह कंपनी टाटा स्टील की 25 साल से पार्टनर है, जिकी शुरुआत 2001 में की गयी थी. टाटा स्टील और माट्रेड कंपनी का संयुक्त वेंचर शिपिंग में लगा हुआ था. यह टाटा स्टील, मार्ट्रेड और एनवाइके का ऐसा वेंचर था जो सदी की शुरुआत से ही भारतीय कंपनी के कच्चे माल और तैयार स्टील को समुद्र के रास्ते लाने-ले जाने का काम कर रहा था. (नीचे भी पढ़ें)
कोरस की खरीददारी के पहले से यह पार्टनरशिप थी. बताया जाता है कि टाटा स्टील जर्मनी की इस कंपनी का 23 फीसदी हिस्सेदारी को 335 करोड़ रुपये में खरीदने वाली है. डील पूरी हो जायेगी तो इसमें टाटा स्टील की हिस्सेदारी 74 फीसदी हो जायेगी, जो अभी 51 फीसदी है. जापान की एनवाइके की कंपनी के पास इस कंपनी का 26 फीसदी हिस्सेदारी है. एनवाइके का जो हिस्सेदारी है, वह बना रहेगा. इसके अलावा टाटा स्टील आइक्यू माट्रेड होल्डिंग एंड मैनेजमेंट से टीएम इंटरनेशनल लॉजिस्टिक के 41.4 लाख इक्विटी शेयर खरीदे है.




