बहरागोड़ा : भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रही संगठित अनियमितताओं, प्रश्नपत्र एवं उत्तर की कथित खरीद-फरोख्त और ओएमआर शीटों में हेराफेरी को राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया है. उन्होंने संबंधित सभी परीक्षा घोटालों की समेकित सीबीआइ जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है. डॉ गोस्वामी आज बहरागोड़ा थाना चौक पर पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे. डॉ गोस्वामी ने कहा कि 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में 103 पदों के लिए 2,204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा हेतु चयनित किए जाने के बाद कट-ऑफ, मेधा सूची और ओएमआर शीटों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उठे हैं. सीआइडी द्वारा रिमांड पर लिए गए सभी आठ आरोपियों से जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते का आमना-सामना कराकर क्रॉस पूछताछ करना, पांच आरोपियों को सात दिनों की पूछताछ के बाद जेल भेजना तथा आयोग के कुछ सदस्यों की भूमिका को भी संदेह के घेरे में बताना यह दर्शाता है कि मामला केवल सामान्य प्रशासनिक लापरवाही का नहीं, बल्कि एक संगठित परीक्षा सिंडिकेट का है. (नीचे भी पढ़ें)
डॉ गोस्वामी ने कहा कि राज्य सरकार के अधीन कार्यरत सीआइडी से उसी व्यवस्था के प्रभावशाली अधिकारियों, आयोग के सदस्यों और कथित राजनीतिक संरक्षण कर्ताओं की पूर्णतः स्वतंत्र जांच की अपेक्षा करना स्वाभाविक रूप से संदेह उत्पन्न करता है. केवल अभ्यर्थियों, कर्मचारियों और परीक्षा एजेंसी के कुछ लोगों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है. सिंडिकेट के वास्तविक संचालकों, लाभार्थियों और संरक्षण कर्ताओं तक जांच पहुंचनी चाहिए. डॉ. गोस्वामी ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले आयोग के सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों, परीक्षा एजेंसी के संचालकों और अभ्यर्थियों की संपत्ति जब्त की जाए. दोषी अभ्यर्थियों को सरकारी परीक्षाओं से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाए तथा अवैध तरीके से सरकारी सेवा प्राप्त करने वालों को सेवा से बर्खास्त कर उनके विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं को नौकरी के स्थान पर प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा स्थगन, गिरफ्तारी और जांच मिली है. राज्य सरकार निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस संस्थागत विफलता की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और सभी भर्ती घोटालों की जांच सीबीआइ को सौंपने की अनुशंसा करनी चाहिए. भारतीय जनता पार्टी युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्षरत है तथा परीक्षा सिंडिकेट के प्रत्येक संचालक, लाभार्थी और संरक्षणकर्ता के सामने आने तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी. इसी कड़ी में आज शाम बहरागोड़ा थाना चौक पर भाजपा बहरागोड़ा मंडल द्वारा मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया. मौके पर मंडल अध्यक्ष राजकुमार कर,पूर्व जिलाध्यक्ष चंडी चरण साव, श्रीवत्स घोष, रंजीत बाला, काजल महाकुड, कमलकांत सिंह, शुभेंदु पात्र, भक्तिश्री पंडा समेत अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे.




