सरायकेला:कोल्हान और सारंडा के जंगलों में वर्षों तक सक्रिय रहे माओवादी संगठन को पुलिस और सीआरपीएफ ने बड़ा झटका दिया है. संयुक्त अभियान में तीन हार्डकोर इनामी नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें 15 लाख का इनामी मदन महतो उर्फ शंकर, 5 लाख का इनामी बिरेन सिंह उर्फ सागर उर्फ रवि सरदार और उसकी पत्नी 2 लाख की इनामी मीना पहाड़िया उर्फ मौरा उर्फ नीपू शामिल हैं. सुरक्षा बलों ने इनके कब्जे से एक इंसास राइफल, एक एके-47, एक पिस्टल, कोडेक्स वायर तथा एके-47 के 250 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से माओवादी संगठन के नेटवर्क और लेवी तंत्र को बड़ा झटका लगा है. अब सुरक्षा बलों का अगला लक्ष्य एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी असीम मंडल उर्फ आकाश का नेटवर्क ध्वस्त करना है.(नीचे भी पढ़े)
एसपी मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि करीब 25 वर्षों से सक्रिय मदन महतो के खिलाफ झारखंड और पश्चिम बंगाल में 41 मामले दर्ज हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार वह 62 पुलिस एवं सुरक्षा बल के जवानों की हत्या से जुड़े मामलों में आरोपित रहा है. उसका नाम सिलदा ईएफआर कैंप हमला, काकड़ाझोर लैंडमाइन विस्फोट, बुरुडीह डैम आईईडी ब्लास्ट, सांसद सुनील महतो हत्याकांड और टोंटो के तुम्बाहाका जंगल विस्फोट जैसी कई बड़ी घटनाओं में सामने आया है. वहीं बिरेन सिंह उर्फ सागर को संगठन का रणनीतिकार माना जाता था. उसके खिलाफ 43 मामले दर्ज हैं. वर्ष 2019 के कुकडू बाजार नक्सली हमले सहित कई बड़ी वारदातों में उसकी भूमिका रही है. वह हमलों की योजना बनाने, दस्तों का नेतृत्व करने और नए कैडरों को तैयार करने का काम करता था. मीना पहाड़िया उर्फ मौरा उर्फ नीपू संगठन की विस्फोटक विशेषज्ञ मानी जाती थी. उसके खिलाफ 18 मामले दर्ज हैं. वह आईईडी और लैंडमाइन लगाने, विस्फोटकों की आपूर्ति, संदेश पहुंचाने और रसद व्यवस्था संभालने में सक्रिय भूमिका निभाती थी.(नीचे भी पढ़े)
प्रारंभिक पूछताछ में तीनों के एक करोड़ के इनामी माओवादी असीम मंडल उर्फ आकाश के नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं. सुरक्षा बलों को उम्मीद है कि पूछताछ से हथियारों के ठिकानों, लेवी नेटवर्क, सहयोगियों और भूमिगत दस्तों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी.सूत्रों के अनुसार, लगातार कमजोर पड़ रहे माओवादी संगठन ने आर्थिक संसाधन जुटाने के लिए लेवी वसूली तेज कर दी थी. इसी बीच मिली खुफिया सूचना के आधार पर आईजी (ऑपरेशन) स्तर पर रणनीति बनाई गई और पुलिस-सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया.(नीचे भी पढ़े)

एसपी मनोज स्वर्गियारी ने कहा कि जिले में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा और पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. वहीं सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट पवन कुमार सिंह ने अभियान की सफलता का श्रेय एसपी मनोज स्वर्गियारी और संयुक्त टीम को देते हुए कहा कि लोडेड हथियारों से लैस खूंखार नक्सलियों को गिरफ्तार करना बेहद चुनौतीपूर्ण था. उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र में गिने-चुने नक्सली ही बचे हैं और अगले एक महीने के भीतर उन्हें भी गिरफ्तार या निष्क्रिय करने का प्रयास किया जाएगा.इस संयुक्त अभियान में एसपी मनोज स्वर्गियारी, सीआरपीएफ 134 के कमांडेंट पवन कुमार, एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज, एसएसबी, कोबरा, झारखंड जगुआर, कांड्रा, चांडिल और नीमडीह थाना पुलिस सहित कई अधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.







