जमशेदपुर : जमशेदपुर के घाघीडीह केंद्रीय कारा में 2 जुलाई 2017 को हुई अचानक तलाशी के दौरान मोबाइल फोन चार्जर, चाकू, ईयरफोन, सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड, बीड़ी एवं सिगरेट के पैकेट सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी से संबंधित मामला को जमशेदपुर कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी जितेंद्र राम की अदालत में विचाराधीन था. उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 6 गवाहों का परीक्षण कराया गया. मामले में गैंगस्टर सुधीर दुबे को मुख्य अभियुक्त तथा किशोर रजक, मोहन लाल होन्हागा, मो. वारिस एवं ऋतु बनरा को अन्य अभियुक्त बनाया गया था. (नीचे भी पढ़ें)
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों का न्यायालय द्वारा विस्तृत परीक्षण किया गया. सुनवाई पूर्ण होने के उपरांत न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को संदेह का लाभ प्रदान करते हुए बरी कर दिया. सुधीर दुबे की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता गौरव पाठक एवं साकेत सुमन ने न्यायालय में पैरवी की. वहीं मोहन लाल होनहागा एवं मो. वारिस की ओर से अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह तथा ऋतु बनरा की ओर से अधिवक्ता अधिवक्ता सुनील वर्मा ने न्यायालय में पैरवी की. (नीचे भी पढ़ें)
बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों में मौजूद महत्वपूर्ण विसंगतियों तथा मामले से संबंधित संदेह के विभिन्न बिंदुओं को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया. संपूर्ण सुनवाई एवं उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के पश्चात माननीय न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को संदेह का लाभ प्रदान करते हुए दोषमुक्त कर दिया, जिससे सभी अभियुक्तों को इस मामले में बड़ी राहत मिली है.




