लोहरदगा : स्थानीय गुदरी बाजार स्थित मुंद्रिका बैंक्वेट में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान कथा ब्यास अच्युत प्रपन्नाचार्य का आयोजक समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भव्य अभिनंदन किया. इस अवसर पर जय प्रकाश शर्मा, सुनील अग्रवाल ने व्यास पीठ पर विराजमान ब्यास अच्युत प्रपन्नाचार्य को पारंपरिक साफा पहनाकर, राजीव रंजन, राजन मेहता ने शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया. जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि महाराज जी के मुखारविंद से बह रही ज्ञान की गंगा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो चुका है. ब्यास जी ने अपनी सुमधुर वाणी और भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भागवत महापुराण के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया है, जिससे समाज में सकारात्मकता और धार्मिक चेतना का संचार हो रहा है. पंडित राम बालक जी के प्रवचन और प्रसंग भी निराले हैं. सुनील अग्रवाल ने बताया कि महिलाओं की उपस्थिति से इतना बड़ा परिसर भी छोटा पड़ रहा है. सभी माताएं और बहनें इस दिव्य कार्यक्रम का भरपूर आनंद ले रहे हैं. संकट मोचन हनुमान जी इस कार्यक्रम के आयोजक हैं और यहां के सभी धार्मिक लोग बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
आयोजन में प्रतिदिन निकलने वाली झांकी महिलाओं को विशेष पसंद आ रही है. नए नए कलाकार मोहक रूप लेकर समारोह को और ज्यादा भव्य बना रहे हैं. शिव पार्वती विवाह, वामन अवतार, श्री कृष्ण जन्मोत्सव, बाल लीला की प्रस्तुति हो चुकी है और अभी आगे के चरणों में और भी आकर्षक झाकियां रहेंगी. इस अभिनंदन समारोह के दौरान कथावाचक ब्यास जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि सम्मान व्यक्ति का नहीं, बल्कि ब्यास पीठ और सनातन संस्कृति का होता है. श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है. इसके श्रवण मात्र से जीव के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है. समारोह में मुख्य आयोजक समिति के रूप में जय गोविंद, अशोक कांस्यकर, प्रमोद अग्रवाल, नरेंद्र मित्तल, मनीष राजगढ़िया, मुरली अग्रवाल, सुनील मेहता, संजय शर्मा, संजय अग्रवाल, कंचन कांस्यकर, सोनू भगत सहित भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक और महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे. सभी भक्तों ने जयकारों के साथ कथा ब्यास का अभिवादन किया. कथा के अंत में महा आरती हुई और सभी उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया.







