रांची: बड़गांई की 8.86 एकड़ की कथित जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े मामले में पीएमएलए की विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में सीएम के आरोप गठन के बिंदु पर बुधवार को सुनवाई हुई. सीएम कोर्ट के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए. कोर्ट ने उन पर लगे आरोप को पढ़कर सुनाया, सीएम ने उन सभी आरोपी को निराधार एवं गलत बताया. इसके बाद कोर्ट ने सीएम के खिलाफ आरोप गठित किया. अब इस मामले में ट्रायल चलेगा. कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने को कहा है. मामले में अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी.यहां बता दें कि मामले में ईडी की विशेष अदालत पूर्व में अंतू तिर्की, आर्किटेक विनोद कुमार सिंह समेत 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन कर चुकी है. (नीचे भी पढ़े)
आरोप गठन के दौरान कोर्ट ने सीएम हेमंत सोरेन को उनके खिलाफ लगे आरोप को पढ़कर सुनाया गया. इस दौरान कोर्ट ने उनसे कहा कि आप पर वर्ष 2010 से 2024 के बीच बड़गाई अंचल के शांति नगर में स्थित 8.86 एकड़ जमीन पर नियंत्रण रखे हुए हैं और वह जमीन आपका है. मैरिज बैंक्विट हॉल बनाने का प्लान आपने किया, जिसका साइट प्लान आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह से तैयार कराया. उस प्लॉट का बिजली कनेक्शन हिलेरियस कच्छप के नाम पर लिया गया है. जब मामला उजागर हो गया तो राजकुमार पाहन ने एसएआर स्पेशल कोर्ट में जमीन वापसी का मुकदमा भी दर्ज कर दिया.बड़गांई लैंड स्कैम मामले में राजस्वकर्मी भानु प्रसाद प्रताप, अंतू तिर्की, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरसाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरसाद आदि आरोपी हैं.







