जमशेदपुर : साकची थाना क्षेत्र के पुराना जेल चौक के समीप गुरुवार को जिला प्रशासन और टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट की ओर से अतिक्रमण हटाया गया. कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय दुकानदारों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. दुकानदारों ने अपनी रोजी-रोटी पर संकट का हवाला देते हुए प्रशासन के समक्ष नाराजगी जताई. दुकानदारों का कहना है कि वे विगत 30 से 40 वर्षों से इसी स्थान पर दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. ऐसे में वर्षों से चल रहे कारोबार को अचानक हटाए जाने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. दुकानदारों ने सवाल उठाया कि दुकानें हटने के बाद उनके परिवारों का गुजारा कैसे होगा. प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की कि अतिक्रमण हटाने से पहले उन्हें पर्याप्त समय दिया जाए और संभव हो तो वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए. उनका कहना है कि वे शहर के विकास या यातायात व्यवस्था सुधारने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वर्षों से कारोबार कर रहे छोटे दुकानदारों की आजीविका की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)

दुकानदारों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर विचार करने की मांग की. उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानें हटाए जाने से कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है. अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और प्रशासनिक टीम के बीच काफी देर तक विरोध की स्थिति बनी रही. दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे. (नीचे भी पढ़ें)

इस कार्रवाई ने एक बार फिर शहर में अतिक्रमण हटाने और छोटे दुकानदारों की आजीविका के बीच संतुलन का सवाल खड़ा कर दिया है. सार्वजनिक भूमि और यातायात व्यवस्था को अतिक्रमण मुक्त रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, वहीं प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास और पात्र पथ विक्रेताओं के कानूनी अधिकारों पर भी ध्यान देना जरूरी है. फिलहाल प्रशासन और जुस्को की ओर से प्रभावित दुकानदारों के लिए किसी वैकल्पिक व्यवस्था की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.




