जमशेदपुर : टाटा स्टील ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर तक) के उत्पादन और डिलीवरी के आंकड़े जारी किये है. मौसमी बारिश और चुनौतियों के बावजूद टाटा स्टील इंडिया की की बिक्री में बड़ा सुधार देखा गया. दूसरी तिमाही में कुल डिलीवरी 5.97 मिलियन टन रही, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 15 फीसदी और सालाना आधार पर 7 फीसदी अधिक है. पहली छमाही में कंपनी की डिलीवरी 8 फीसदी से बढ़कर 11.14 मिलियन टन रही. दूसरी तिमाही में टाटा स्टील इंडिया का क्रूड स्टील उत्पादन 6.21 मिलियन टन रहा. यह पिछली तिमाही की तुलना में 8 फीसदी और पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 10 फीसदी अधिक है. उत्पादन में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से जमशेदपुर और कलिंगानगर प्लांटों में अधिक उत्पादन के कारण दर्ज की गई है. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर तक ) में उत्पादन 10 फीसदी बढ़कर 11.97 मिलियन टन पर पहुंच गया है. कंपनी की ओर से बताया गया है कि इस वर्टिकल ने अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगभग 1.1 मिलियन टन का डिलीवरी आंकड़ा हासिल किया. इसके अलावा कलिंगानगर में कंटीन्यूअस एनीलिंग एंड गैल्वनाइजिंग लाइन्स और जमशेदपुर में कॉम्बी मिल के क्षमता विस्तार से यह संभव हुआ. इस श्रेणी ने रिकॉर्ड 2.2 मिलियन टन की तिमाही बिक्री दर्ज की. टाटा टिस्कॉन ने भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराया. इस क्षेत्र में 0.6 मिलियन टन की बिक्री हुई, जिसमें सालाना आधार पर 32 फीसदी की भारी वृद्धि दर्ज की गई. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील आशियाना और डिजीइसीए का कुल मर्चेंडाइज वैल्यू 2,860 करोड़ रुपये रहा. वहीं, टाटा स्टील के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में तेजी देखी गयी. दूसरी तिमाही में लिक्विड स्टील का उत्पादन 1.52 मिलियन टन और डिलीवरी 1.30 मिलियन टन रही. अगस्त 26 में डायरेक्ट शीट प्लांट के दोबारा शुरू होने से उत्पादन में तेजी आई. टाटा स्टील यूके में डिलीवरी 0.38 मिलियन टन रहीय कंपनी ने लियानटर्न पिक्ल लाइन में उत्पादन को पूरी तरह से सुचारू कर लिया है. टाटा स्टील थाईलैंड में बिक्री योग्य स्टील का उत्पादन 0.32 मिलियन टन और डिलीवरी 0.31 मिलियन टन रही. सितंबर में भारी बारिश के कारण बिक्री पर मामूली असर पड़ा.




