
जमशेदपुर : टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट के कर्मचारियों का नवंबर माह में मिले वेतन में नुकसान के संकेत मिले है. ग्रेड रिवीजन समझौता के बाद और कई तरह के समझौता का अब नकारात्मक असर दिखने लगा है. इस कड़ी में टाटा स्टील के एनएस ग्रेड समेत तमाम ग्रेड के कर्मचारियों का वेतन में करीब 650 रुपये दो माह से वेतन काट दिया जा रहा है. इसकी वजह है टिस्को इंप्लाइज फैमिली बेनीफिट स्कीम के तहत तय किये गये नये नियम. नये नियम के तहत कर्मचारियों को इस फैमिली बेनीफिट स्कीम के अधीन लाया गया है. इसके तहत किसी भी कर्मचारी की अगर मौत हो जाती है तो उसके बदले हरेक कर्मचारी के वेतन से हर माह 50 रुपये कटेगा. एक कर्मचारी की मौत होने पर 50 रुपये कटेगा. हाल के दिनों में जुलाई 2020 से एक नया बदलाव किया गया था, जिसके तहत कर्मचारी की मौत होने पर 30 रुपये की कटौती होती थी, जिसको बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया और टाटा स्टील के सिर्फ जमशेदपुर प्लांट के कर्मचारी की मौत पर ही वेतन से 30 रुपये कटता था, लेकिन अब 50 रुपये कटता है और इसका दायरा को टाटा स्टील इंडिया यानी देश में जहां भी टाटा स्टील के कर्मचारी की मौत होगी, वहां के कर्मचारी की मौत पर 50 रुपये प्रति कर्मचारी की मौत पर कटेगा. इसके तहत दो माह से करीब 13 लोगों की मौत टाटा स्टील के भारतीय संयंत्रों में हुई है, जिस कारण दो माह से 650 रुपये कट रहा है. वैसे तो स्टील ग्रेड को नुकसान ज्यादा नहीं है, लेकिन एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को नुकसान नजर आ रहा है, जो लोग यूनियन के पास भी पहुंचे है. पहले जब इसकी शुरुआत की गयी थी तो यह अनुमान लगाया गया था कि 250 रुपये से ज्यादा की कटौती नहीं होगी और कर्मचारियों को मौत होने पर उनके परिजन को 15 से 16 लाख रुपये तक लाभ भी मिल जायेगा, लेकिन दो माह से यह राशि काफी ज्यादा बढ़ गयी है, जिसको लेकर कर्मचारियों ने इसको लेकर यूनियन को पुर्नसमीक्षा करने की गुहार लगायी है. ऐसे एनएस ग्रेड के कर्मचारियों की दलील है कि अगर उनकी उम्र कम है तो अगर वे लोग एलआइसी का टर्म पॉलिसी कराते है और इतनी ही राशि की कटौती करेंगे तो उनको उनकी मौत होने पर परिवार को 50 लाख रुपये तक का लाभ मिल सकेगा. वैसे यूनियन ने इस मुद्दे को विचार करने का आश्वासन देकर टाल चुकी है.
टीम परफार्मेंस रिवार्ड में भी कर्मचारियों को नुकसान
टाटा स्टील के वेज रिवीजन के वक्त टीम परफार्मेंस रिवार्ड की शुरुआत की गयी थी. इसका एसेसमेंट यानी समीक्षा हर तीन माह में किया जाना है, जिसके तहत इक्वीपमेंट एफिसिएंसी मशीन यानी मशीन का शत-प्रतिशत उपयोग क्षमता को हासिल करने और सेलेबल स्टील का कॉस्ट को जोड़ते हुए सेफ्टी को इसके फैक्टर में जोड़ा गया था. इसके तहत ग्रुप 1 के कर्मचारियों को हर माह इन सारे बिंदू पर लाभ होने पर 750 रुपये प्रतिमाह, ग्रुप 2 के कर्मचारियों को 1000 रुपये प्रतिमाह, ग्रुप 3 को 1200 रुपये प्रतिमाह जबकि ग्रुप 4 को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की सहमति बनी थी. लेकिन सितंबर माह में सीआरएम में एक कर्मचारी की काम के दौरान मौत हो गयी थी, जिस कारण सितंबर माह के टीम परफार्मेंस रिवार्ड को एक माह जीरो कर दिया गया. तीन माह में से एक माह का 750 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक का नुकसान हो गया है.






