
मृतक एतवा बांदो. 
मृतक के माता-पिता.
Jamshedpur : टाटा मोटर्स के नीम ट्रेनी व पिछले जुलाई माह में कंधे का ऑपरेशन के बाद कोमा में गये एतवा बांदो (22 वर्ष) का पिछले शनिवार की टीएमएच में मौत हो गयी. मृतक एतवा बांदो के परिजनों ने ऑपरेशन में लापरवाही व अत्यधिक एनेस्थेसिया (बेहोश करने की दवा) देने का आरोप लगाते हुए मौत के लिए अस्पताल को जिम्मेदार ठहराया है. इसे लेकर आदिवासी मूलवासी परिषद के जिलाध्यक्ष बी कच्छप के नेतृत्व में मृतक के परिजनों ने प्रबंधन के पदाधिकारियों से मुलाकात की और 25 लाख रुपये मुआवजा व मृतक की बहन को नौकरी देने की मांग की. बी कच्छप ने बताया कि प्रबंधन की ओर से मुआवजा देने से साफ इंकार कर दिया गया, जबकि उसकी बहन को प्राइवेट तौर पर नौकरी दिये जाने का बात कही जा रही है, जो अस्थायी प्रकृति का है. अत: वे सोमवार को प्रबंधन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेंगे.
बी कच्छप ने बताया कि कंपनी में काम के दौरान एतवा बांदो को कंधे में दर्द की शिकायत हुई थी. इस पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने छोटा सा ऑपरेशन कर 24 घंटे में छोड़ देने की बात कही. 17 जुलाई को उसका ऑपरेशन हुआ, लेकिन ऑपरेशन के बाद उसे होश नहीं आया. इस पर चिकित्सकों ने कहा कि होश आने पर 24 घंटे भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी जायेगी. समय बीत गया लेकिन उसे होश नहीं आया. तब कोमा की स्थिति में ही 8 अगस्त को एतवा को कोलकाता स्थित फोर्टिज हॉस्पिटल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने जवाब दे दिया. उसके बाद पुन: यहां ला कर टीएमएच में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने पहले ही बहुत ही क्रिटिकल स्थिति बतायी थी. बावजूद इलाज चल रहा था और अंतत: उसने दम तोड़ दिया.



