जमशेदपुर : आधुनिक समूह की ओर से संचालित आधुनिक पावर एंड नेचुरल रिसोर्सेस कंपनी लिमिटेड के नये एमडी आरके सिंह (राघवेंद्र कुमार सिंह) ने कहा है कि कंपनी के घाटे को कम कर कंपनी को मुनाफा की ओर से ले जायेंगे जबकि आने वाले दिनों में जितने भी विस्थापितों के अगर कोई मुद्दे है तो उसका भी निराकरण कर देंगे और कर्मचारियों का वेतन भी बढ़ेगा. श्री सिंह शुक्रवार को सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित एक होटल में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उनके साथ कंपनी के सीइओ राकेश गुप्ता और निदेशक अनिमेश गुप्ता भी थे.एमडी ने बताया कि टाटा स्टील आधुनिक पावर एंड नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड अभी घाटे में चल रहा है. उन्होंने बताया कि 95 करोड़ रुपये का मासिक आमदनी आधुनिक कंपनी को है, जिसके बदले 82 करोड़ रुपये प्रतिमाह ही हो पा रहा है. करीब 13 करोड़ रुपये कंपनी का घाटा हर साल हो रहा है और इस घाटे को शून्य तक ले जाकर मुनाफा तक ले जाना है. उन्होंने बताया कि इस मुकाम तक जरूर ले जाया जायेगा. उन्होंने बताया कि घाटे के कारण ही कंपनी की ओर से सीएसआर नहीं किया जा रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में जरूर सीएसआर भी किया जायेगा. इसको लेकर कंपनी की ओर से मुनाफा बढ़ाते हुए वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में काम किया जायेगा. इसके लिए रणनीति तैयार हो चुकी है. उन्होंने बताया कि अभी आधुनिक में करीब 440 कर्मचारी है, जिसमें से 129 कर्मचारी विस्थापित ही है. ऐसे में उन सारे कर्मचारियों का वेतन भी काफी दिनों से नहीं बढ़ा है. मनोबल बढ़ाने के लिए बहुत जल्द वेतनमान में भी बढ़ोत्तरी होगी, लेकिन कंपनी को मुनाफा तक ले जाना जरूरी है.
सरकारों के बकाये का पैसा मिलने से लाभ हो जायेगा, झारखंड सरकार करती है भरपूर सहयोग, कोयला की कमी को दूर करने का संघर्ष
एमडी आरके सिंह ने अपनी टीम के साथ संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अभी वे लोग 540 मेगावाट (270-270 मेगावाट बिजली का दो केंद्र) बिजली का उत्पादन कर सकते है, जिसके विपरित करीब 362 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन कर पा रहे है. इसमें से 162 मेगावाट बिजली झारखंड में, 10 मेगावाट बिजली तमिलनाडू और 100 मेगावाट बिजली बंगाल सरकार को दी जा रही है. हालांकि, बंगाल सरकार के बिजली का उत्पादन को घटाकर 70 मेगावाट तक कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि बिजली के मद में सरकारों के पास करीब 400 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है. इसमें सबसे बेहतर पेमेंट झारखंड सरकार का है. जो बकाया है, उसमें सबसे ज्यादा बंगाल और तमिलनाडू सरकार के पास ही है. ऐसे में इन दोनों सरकारों के साथ बातचीत कर मसले का हल निकालकर बकाया की वसूली के लिए एनटीपीसी से सेवानिवृत एक अधिकारी को यहां बहाल किया गया है, जो यह बकाया की वसूली भी करेंगे. इसी तरह डायरेक्टर अनिमेश गुप्ता ने बताया कि कोयला की समस्या जरूर है. कोयला का लिंकेज मिलने में दिक्कत आती है. सरकार से आवंटित कोयला नहीं लेकर बाहर से कोयला लेने से बिजली महंगा हो जायेगा और लागत खर्च बढ़ जायेगा, इस कारण सरकार के ही सारे कोयले की खरीददारी हम लोग करने का प्रयास करते है. वैसे हम चाहते है कि कंपनी चलती रहे ताकि लागत खर्च कम हो, जिस कारण हमेशा कम से कम एक माह का स्टॉक होना चाहिए, लेकिन हम लोग सिर्फ दो से तीन दिनों का ही स्टॉक रख पाते है क्योंकि कोयला कम मिलता है. वर्तमान में 28 से 30 लाख टन की जरूरत होती है, लेकिन मिलता है करीब 12 लाख टन, जिस कारण बिजली का उत्पादन क्षमता होने के बावजूद नहीं किया जा सकता है. वैसे सरकार चाहे तो यहां बेहतर उत्पादन हो सकता है. एमडी ने कहा कि 25 साल का समझौता झारखंड, बंगाल और तमिलनाडू के साथ है कि बिजली की खरीददारी करेगी, लेकिन कच्चा माल नहीं रहेगा तो हम लोग उत्पादन नहीं कर पाते है. ऐसे में हम लोग सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कंपनी को और आगे ले जाने की कोशिश कर रहे है.
एनआइए के टेरर फंडिंग से आधुनिक कंपनी का कोई लेना देना नहीं, एक व्यक्ति विशेष का मामला था
आधुनिक कंपनी के एमडी ने बताया कि एनआइए द्वारा टेरर फंडिंग की जांच की जा रही है, लेकिन इससे आधुनिक कंपनी का कोई लेना देना नहीं है. यह सिर्फ एक व्यक्ति विशेष का मामला है, जो आधुनिक कंपनी से जुड़ा था. इसके अलावा कोई भी मामला नहीं है.
आधुनिक की नयी टीम नयी ऊर्जा के साथ काम कर रही है, फाइनांस कंपनियों का समूह करती है देखरेख, पुराने अधिकारी भी शामिल
आधुनिक समूह के एमडी आरके सिंह ने कहा कि पहले कंपनी लगाने वाले प्रोमोटर ने काफी मेहनत से कंपनी स्थापित की होगी. यह परेशानी से हम जूझ चुके है. संस्थापकों का भी काफी अच्छा योगदान रहा था, लेकिन अभी वित्तीय संस्थानों की कमेटी और बोर्ड की ओर से कंपनी को संचालित की जा रही है. फाइनांस कंपनियों का समूह ही इसकी देखरेख करती है जबकि पुराने अधिकारी और कर्मचारी भी है. वर्तमान कमेटी पूरी नयी ऊर्जा के साथ काम कर रही है और बस अब कंपनी मुनाफा तक पहुंचने ही वाली है.








