
सरायकेला: सरायकेला जिले के आदित्यपुर स्थित मेडिट्रीना अस्पताल की लापरवाही से बीते शनिवार को माझीटोला की महिला रेणु देवी की मौत हो गयी थी. उधर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ईलाज कर रहे डॉक्टर के खिलाफ आदित्यपुर थाने में शिकायत दर्ज कराया था. जहां प्रथम दृष्टया थाना ने चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन को दोषी पाया और डॉक्टर को थाने में पूछताछ के लिए बैठा लिया. इसको लेकर आईएमए ने सख्त आपत्ति जताते हुए रविवार को मृतका के परिवारवालों पर काउंटर केस दर्ज करा दिया. उधर मृतका के शव को रविवार को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेजा गया, लेकिन फोरेंसिक एक्सपर्ट नहीं होने का हवाला देते हुए सदर अस्पताल ने शव को एमजीएम मेडिकल कॉलेज फोरेंसिक लैब भेज दिया गया. जहां रविवार को एमजीएम मेडिकल कॉलज फोरेंसिक जांच केंद्र ने टीम का गठन होने के बाद ही पोस्टमार्टम किए जाने की बात कहते हुए पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया. उधर परिजन सरायकेला और जमशेदपुर के चक्कर में अबतक मृतका के शरीर का अंतिम संस्कार नहीं कर सके हैं. जबकि घटना के लगभग 40 घण्टे बीत चुके हैं. इस संबंध में आदित्यपुर थाने से संपर्क करने पर थाना प्रभारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि ये गलत है इसकी शिकायत डीसी से की जा रही है. उन्होंने बताया कि जब फोरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम होना था तो बगैर एक्सपर्ट को सूचना दिए शव को कैसे रेफर कर दिया गया. फिलहाल कागजी प्रक्रिया के बीच मृतका का शव एमजीएम मेडीकल कॉलेज फोरेंसिक केंद्र में लेकर परिजन इंतजार में भूखे प्यासे बैठे हैं. हालांकि इसके पीछे आईएमए द्वारा विरोध को कारण माना जा रहा है.
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