
आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां जिला के आदित्यपुर मांझी टोला निवासी टाटा स्टील कर्मी प्रभात कुमार की पत्नी, पुत्र-पुत्री एवं साले का अंतिम संस्कार मंगलवार को कर दिया गया. सोमवार को ईंचागढ़ के पास इन चारों की मौत हो गयी थी. खुद प्रभात कुमार दूसरी गाड़ी में थे, जिस कारण वह बच गये, लेकिन उनकी दुनिया इस सड़क हादसे ने छिन ली. उनकी पत्नी, उनके बेटे और बेटी की मौत हो गयी जबकि साले की भी मौत हो गयी. सड़क दुर्घटना में मौत के बाद चारों का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर मंगलवार को चारों का पार्थिव शरीर उनके आदित्यपुर मांझी टोला स्थित आवास लाया गया, जहां पूरा बस्ती ही गमगीन हो चुका था. चारो ओर मातमी सन्नाटा था. जैसे ही शव आया, वैसे ही घर के लोग चीख और चित्कार मारकर रोने लगे. हर शख्स एक साथ चार-चार लाश देकर रो देता या फिर कांप जाता. सुबह से ही प्रभात कुमार को सांत्वना देने वालों का तांता उनके घर पर लगा रहा. राजद नेता पुरेंद्र नारायण सिंह, टाटा वर्कर्स यूनियन में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार संजीव चौधरी टुन्नु समेत अन्य लोग वहां पहुंचे और उनके परिवार को ढांढस बंधाया.

हालांकि इस हृदय विदारक दृश्य को देखने सैकड़ों की संख्या में लोग घर से लेकर श्मशान घाट तक पहुंचे थे. सभी की जुबां से यही शब्द सुना जा रहा था कि ऊपरवाले दुश्मन के साथ भी ऐसी ज्यादती न करें. गमगीन माहौल के बीच बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट में चारों चारों का दाह संस्कार किया गया. अब इस घटना के बाद से प्रभात कुमार पूरी तरह टूट चुके है. टाटा स्टील में वे पहले लाइम प्लांट के कर्मचारी थे और अभी वे टाटा स्टील के प्रोजेक्ट विभाग में कार्यरत है. उनके बच्चे का दाखिला मेडिकल हो गया था, जिसकी खुशी मनाने के लिए वे लोग घरों से एक साथ निकले थे कि रास्ते में उनकी सारी खुशियां छिन गयी और जिन बच्चों के एडमिशन की खुशी थी, भगवान ने उन बच्चों को ही प्रभात कुमार से छीन लिया और यह स्थिति उत्पन्न हो गयी. अंतिम संस्कार के वक्त प्रभात कुमार ने अकेले ही अपनी पत्नी, अपने बेटे और बेटी को मुखाग्नि देकर विदाई दी. इस दौरान का दृश्य देखने वाला था. हर कोई हर शख्स वहां रो रहा था और खुद प्रभात कुमार गमजदा थे और शांत पड़े हुए थे. उनको मानो कांठ मार गया था. किसी तरह उनको संभाला गया.





