
जमशेदपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर हरिओम नगर में ईंचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह के साले कन्हैया सिंह की हत्या की गुत्थी पूरी तरह अब सुलझ चुकी है. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार को भी बरामद कर लिया है. वहीं, इस कांड में शामिल अपराधी निखिल गुप्ता ने सारे कांड का खुलासा कर दिया है. पहले निखिल गुप्ता ही पकड़ा गया, जिसके बाद अन्य सारे आरोपी पकड़े जाते रहे. बताया जाता है कि सबकी गिरफ्तारी के बाद सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना में सारे आरोपियों से पूछताछ की गयी, जिसके बाद थाना ही बदल दिया गया. (नीचे देखे पूरी खबर)

पहले तो सबको अलग-अलग पूछा गया, फिर सबको एक दूसरे के सामने बैठाकर पूछताछ की गयी. इस दौरान लगभग सारे लोगों ने अपना अपराध स्वीकार किया है. इन लोगों के बीच घटना के दिन हुई बातचीत के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की गयी थी, लेकिन बाद में सारे लोगों को छोड़ दिया गया है. इस मामले को लेकर अब लगभग सारी पिक्चर साफ हो गयी है. कन्हैया सिंह की बेटी का राजबीर सिंह नामक युवक के साथ प्रेम संबंध है. राजबीर सिंह और अर्पणा सिंह के बीच काफी दिनों से संबंध चल रहा था. (नीचे देखे पूरी खबर)

इस संबंध को रोकने के लिए पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह और उसके साले कन्हैया सिंह ने काफी कुछ किया था. पिछले दो साल में लड़के की भी पिटाई की गयी थी जबकि लड़की को भी जाने नहीं दिया जा रहा था. इन सारी चीजों से पीछा छुड़ाने के लिए बेटी का कन्हैया सिंह ने बैंगलोर में एडमिशन भी करा दिया था, लेकिन बातें जब संभल नहीं पायी तो उसको नहीं भेजा गया. इस दौरान बेटी अर्पणा सिंह को घर में ही रहने की इजाजत थी. अकेले जाने नहीं दिया जा रहा था. लेकिन फोन पर वह अपने प्रेमी से बात जरूर करती थी. इसी फोन पर जो बात होती थी, उससे ही सारा राज खुल गया. राजबीर सिंह के साथ उसकी पिछले कई बार बातचीत हुई थी. (नीचे देखे पूरी खबर)

हत्या के बाद राजबीर के साथ हत्यारों ने भी बातचीत की थी क्योंकि जहां हत्या हुई थी, वहां के फोन नंबर के आउटगोइंग कॉल में राजबीर सिंह का भी नंबर आ गया, जिसके बाद राज खुलता चला गया. पहली गिरफ्तारी बनारस से हुई, जहां से पकड़कर जब निखिल गुप्ता को लाया गया, तब जाकर सारे राज परत दर परत खुलते गये और प्रेमी जोड़े भी पकड़े गये. राजबीर सिंह, कन्हैया सिंह की बेटी अर्पणा सिंह ने मिलकर साजिश को अंजाम दिया और उसको मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद से वे लोग चुप्पी लगा लिये. (नीचे देखे पूरी खबर)

पिता का शव देखकर भी रो नहीं रही थी हत्या की आरोपी बेटी
कन्हैया सिंह की हत्या के बाद पूरा आदित्यपुर ही नहीं बल्कि पूरा कोल्हान सन्न हो गया था. कन्हैया सिंह का शव समस्तीपुर ले जाकर अंतिम संस्कार करने का फैसला परिवारवालों ने लिया. समस्तीपुर जाने के पहले शव को आदित्यपुर स्थित पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह के घर पर लाया गया था. वहां उनकी दो बेटियां और बेटे और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था. वे लोग पूरा रो रहे थे, लेकिन यह बेटी अर्पणा चुपचाप गंभीर थी. पुलिसवालों के गुप्तचरों की नजर भी इस हरकत पर थी. अब लोग इसको भी याद कर रहे है कि आखिर वह लड़की क्यों चुपचाप खड़ी थी. (नीचे देखे पूरी खबर)

प्रेमी राजबीर की मां टीचर और बाप है ट्रांस्पोर्टर, हंगामा के बाद आदित्यपुर का घर बेचकर मानगो जाना पड़ा था परिवार को
आदित्यपुर मांझीटोला के रहने वाले कुलजीत सिंह ट्रांस्पोर्टर है. उसकी मां आदित्यपुर के एक स्कूल की टीचर है. मृतक कन्हैया सिंह की बेटी अर्पणा सिंह का प्रेमी राजबीर सिंह कुलजीत सिंह का ही बेटा है. बताया जाता है कि अर्पणा सिंह के साथ जब प्रेम संबंध राजबीर का हुआ, तो वे लोग स्कूल में ही थे. डीएवी आदित्यपुर स्कूल में दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ा और दोनों नजदीक आये. दोनों के बीच संबंध का उजागर पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह के साले कन्हैया सिंह के सामने हो गयी. इसके बाद मलखान सिंह और उसके साले कन्हैया सिंह ने मिलकर कुलजीत सिंह और मां के साथ-साथ बेटे को भी धमकी दी. टार्चर इतना हुआ कि उन लोगों ने अपना घर ही बदल लिया. आदित्यपुर एरिया के मकान को छोड़कर वे लोग मानगो शिफ्ट कर गये. मानगो में ही वे लोग रहने लगे, लेकिन प्यार पर ब्रेक नहीं लग सका. इन दोनों के बीच संबंध बना रहा. अंतत: राजबीर ने प्लान किया कि अब हर हाल में अर्पणा के पिता कन्हैया सिंह को ही रास्ते से निकाल देना होगा. इसके बाद कन्हैया सिंह की हत्या की साजिश रची, जिसकी जानकारी बेटी अर्पणा को थी. इसके बाद हत्या को अंजाम दिलाने के बाद गायब हो गया. पुलिस ने फिर भी उसको पकड़ लिया.






