आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 स्थित ग्लोरिया इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में हुए ओवन ब्लास्ट के बाद एक मजदूर की मौत से मामला गंभीर हो गया है. हादसे में गंभीर रूप से घायल ऑपरेटर मुरली पात्रो की टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में इलाज के दौरान मौत हो गई. शुक्रवार सुबह उनके परिजन अस्पताल पहुंचे और कंपनी प्रबंधन पर हादसे की जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए मुआवजा और स्थायी नौकरी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे फैक्ट्री में काम के दौरान फर्नेस में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया. हादसे में एक महिला कर्मी समेत कुल सात मजदूर झुलस गए. गंभीर रूप से घायल 30 वर्षीय मुरली पात्रो, जो गम्हरिया के बासुरदा गांव के निवासी थे, ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. हादसे में घायल सूरज हांसदा, सोनमुनी दास और अनिल यादव का इलाज टीएमएच में चल रहा है, जबकि शैलेंद्र महतो, अंकित कुमार और प्रकाश बोदरा स्थानीय संजीवनी नर्सिंग होम में भर्ती हैं. (नीचे भी पढ़ें)

मृतक के परिजनों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें हादसे की सही जानकारी नहीं दी. उनका कहना है कि फोन पर बताया गया था कि मुरली पात्रो सड़क दुर्घटना में घायल हुए हैं, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि वे फैक्ट्री के अंदर हुए फर्नेस ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे थे. परिजनों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन केवल 3 से 5 लाख रुपये मुआवजा देने की बात कर रहा है, जबकि उनकी मांग 40 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं ले जाने देंगे.




