Chakuliya : बहरागोड़ा विधानसभा और घाटशिला विधानसभा सीट पर 2019 के विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के कई प्रत्याशी पार्टी स्तर पर टिकट पाने और चुनाव लड़ने की दावेदारी को लेकर कवायद में जुटे हुए हैं. वही नेता जो चुनाव पूर्व मिलकर विस क्षेत्र में संगठन को मजबूत बनाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर संगठन हित में काम करते दिखाई देते थे, विधान सभा चुनाव की डुगडुगी बजते ही उनके बीच चुनाव लड़ने की जंग छिड़ गयी है. वहीं इस चुनाव की डुगडुगी ने दोनों ही विधान सभा के राम और भरत की जोड़ियों की तरह प्रसिद्ध जोड़ियों को वर्षो बाद एक मंच पर दोबारा ला दिया है. वैसी जोड़ियां किसी कारणवश कुछ वर्ष और महीनों बाद एक साथ देखने को मिल रही हैं, जो अलग हो गयी थीं. आजसू पार्टी में 10 वर्षो तक एक साथ जिला कमेटी में रहे राम और भरत की तरह एक दूसरे के हर कार्य में सहयोग करते दिखने वाली समीर महंती व काहु सामंत की जोड़ी एक बार फिर विस चुनाव से पहले झामुमो में आकर एक हो गयी है. बहरागोड़ा विस क्षेत्र के बहरागोड़ा प्रखंड के युवा तुर्क तपन ओझा और सुमन मंडल दोबारा भाजपा में एक हुए, वहीं चाकुलिया प्रखंड की शंभुनाथ मल्लिक व साधन मल्लिक की प्रसिद्ध जोड़ी कुछ महीनों बाद एक पार्टी में आ मिली. विगत वर्ष हुए पंचायत चुनाव में जिप सदस्य शिव चरण हांसदा और पूर्व जिप सदस्य सुनाराम हांसदा भाजपा में आकर एक हुए. इस विधान सभा चुनाव में जहां एक तरफ टिकट पाने को लेकर बड़े नेताओं में मारामारी दिख रही है, तो दूसरी तरफ राजनीतिक हालातों के कारण या पार्टी से बागी होने के कारण अलग हुए राम और भरत की जैसी जोड़ियों के एक होने की खुशियां भी दिख रही है. वर्षो बाद मिली जोड़ियां जब एक साथ एक मंच पर पहुंची तो सारे गिले-सिकवे को भुलकर गले मिलकर बधाई देती दिखी. ऐसी जोड़ियों के एक होने से संगठन को मजबूती मिली है तो वही विस क्षेत्र के लोगों ने भी जोड़ियों का दिल से स्वागत किया है. वर्षों बाद मिली जोड़ियों की चर्चा भी जोरो पर है कि आखिरकार पिछले चुनाव में अलग हुए और इस चुनाव में दोबारा आ मिले. लोगों की जुबान पर एक ही बात है कि कहीं लड़ाई तो कहीं मिलन है, दुनिया गोल है आज लड़ाई तो कल फिर मिलन है.



