
रांची : झारखंड उच्च न्यायालय ने शनिवार को चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को जमानत दे दी. वहीं लालू यादव के अब जेल से बाहर निकलने की संभावना बढ़ गई है. झारखंड उच्च न्यायालय ने आधी सजा पूरी करने के आधार पर लालू प्रसाद यादव को सशर्त जमानत दी है. इसके तहत उन्हें एक लाख के निजी मुचलके का बांड भरना होगा. वहीं उच्च न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि लालू यादव बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जाएंगे और ना ही अपना पता और मोबाइल नंबर बदलेंगे. लालू की जमानत को लेकर मामला नौ अप्रैल को भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन सीबीआई ने जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा था. वहीं शनिवार को हुई सुनवाई में लालू यादव को जमानत दी गई है. फिलहाल राजद सुप्रीमो का दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा है. लालू की जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए उच्च न्यायालय ने आदेश दिया, कि जमानत के लिए लालू को एक लाख रुपये का मुचलका देना होगा. साथ ही 10 लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा. इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा. बिना अदालत की अनुमति के लालू विदेश नहीं जा सकेंगे. आपको बता दें कि दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद ने जमानत के लिए आधी सजा पूरी करने का दावा करते हुए याचिका दायर की थी. इस मामले में सीबीआई की अदालत ने लालू प्रसाद को सात-सात साल की सजा दो अलग अलग धाराओं में सुनाई थी. पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने दावा किया था कि वह आधी सजा पूरी कर चुके हैं. वहीं सीबीआई का दावा था कि लालू प्रसाद की आधी सजा अभी पूरी नहीं हुई है. चाईबासा और देवघर कोषागार मामले में लालू यादव को पहले ही जमानत मिल चुकी है. वैसे लालू प्रसाद यादव को जमानत मिलने की सूचना पर राजद समर्थकों में नई जान आ गयी है. बिहार की राजनीति भी हिलोरें मारने लगी है. सभी को लालू यादव के स्वस्थ्य होकर जेल से बाहर निकलने का इंतजार है.











