
जमशेदपुर : बिहार की पूर्व सांसद लवन आनंद ने एक बार फिर से केंद्र सरकार पर हमला बोला है. लवली आनंद ने जमशेदपुर के सर्किट हाऊस में संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर सरकार पर हमला बोला. उनके पति और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई को लेकर 29 जनवरी को पूर्व घोषित सिंह गर्जना रैली को अब 23 अप्रैल को पटना में मनाने का फैसला लिया गया है. यह 23 अप्रैल को आयोजित होगा. संवाददाता सम्मेलन में मुख्य रूप से संजय ठाकुर, मनोज आनंद, संजय सिंह मंटू, चन्द्रकांत दूबे, विनय सिंह, अरूण सिंह, लाल बाबू सिंह, बब्लू सिंह, उमा सिंह, यशवंत सिंह, छकौरी सिंह, राजेश झा मुख्य रूप से उपस्थित थे. लवली आनंद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया आम बजट पूंजीपति परस्त बजट है. इससे अमीरी और गरीबी की खाई और चौड़ी होगी. अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब होंगे. बजट में वैश्विक महामारी कोविड-19 से चौपट अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी, मंहगाई से निपटने की कोई दूरगामी योजना नहीं है. यह गांव-गरीब और किसान-मजदूर विरोधी एक अदूरदर्शी बजट है. हर मोर्चे पर विफल केंद्र सरकार सरकारी संस्थानों को बीमारू बताकर चुनाव में फंडिंग करने वाले उद्योगपतियों के हाथों बेचने में जुटी है. यही कारण है कि कोरोना काल में भी जहां पूरा देश बदहाल रहा. अडानी और अंबानी और बीजेपी मालामाल हो गया. इनकी संपत्तियों में बेशुमार इजाफा इसके ताज़ा मिसाल हैं. श्रीमति आनंद ने कहा कि बजट में झारखंड के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है. झारखंड में एनडीए की सरकार नहीं है तो इसकी उपेक्षा समझ में आती है, पर देश में गरीबी और पिछड़ेपन में अव्वल बिहार में डबल इंजन की सरकार के रहते विशेष राज्य का दर्जा तो दूर विशेष पैकेज भी नहीं मिलना आश्चर्यजनक है. झारखंड सहित बिहार के लिए इस बजट में चर्चा के लिए कुछ भी खास नहीं है और दोनों प्रदेश के आम लोग ठगा सा महसूस कर रहे हैं. पीएम मोदी प्रतिवर्ष दो करोड़ लोगों को रोजी देने के अपने वादे से मुकर कर अब 60 लाख युवाओं को रोजगार के सपने बांट रहे हैं. लवन आनंद ने कहा कि आनंद मोहन की रिहाई की लड़ाई को जारी रखा जायेगा.




