बोकारो : बोकारो जिले के चास नगरनिगम क्षेत्र स्थित बोलुर बांध तालाब पर करोड़ों की लागत से बना अमृत पार्क संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लापरवाही की वजह से जंगल में तब्दील हो गया है. पार्क क्षेत्र में ऊंची घास उग आई है तो वहां लगे जिम के उपकरण खराब हो रहे हैं, जिससे वहां जाने में भी बच्चे डरते हैं. यहां तक कि अधिकारियों की मिलीभगत से पार्क क्षेत्र में प्लांट लगाकर फैब्रिकेशन का काम भी शुरू कर दिया है.(नीचे भी पढ़ें)

बता दें कि 3 अगस्त, 2020 को मंत्री जगन्नाथ महतो ने धनबाद सांसद पशुपतिनाथ सिंह व विधायकों की उपस्थिति में करोड़ों रुपये खर्च कर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, इस अमृत पार्क का विधिवत् उद्घाटन किया था. इस पार्क में बच्चों के खेलने के लिए पार्क के साथ ही महिलाओं एवं बुजुर्गों के जिम करने के लिए उपकरण सहित अन्य उपकरण भी लगवाये गये थे. पार्क में कैंटीन की भी सुविधा दी गयी थी, जिस पर तकरीबन 1.25 करोड़ रुपयों की लागत आई थी. लेकिन उद्घाटन के बाद से अब तक उसका उपयोग नहीं हुआ. यहां तक कि कोई अधिकारी भी उसके बाद पार्क की स्थिति देखने नहीं आया.
यहां तक कि पार्क के अंदर लोहे का गेट, ग्रिल बनाने का वर्कशॉप भी स्थापित हो गया है, किन्तु पार्क के प्रबंधकों को इसकी भनक तक नहीं है. दिसंबर के महीने में पिकनिक आदि के लिए बच्चे अपने परिजनों एवं दोस्तों के साथ पार्क में घूमने जाते हैं. लेकिन घर के बगल में बने इस पार्क की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि पार्क में दिन में भी घुसने में डर लगता है. फिलहाल न तो पार्क की देखभाल करने वाले अधिकारी फोन उठा रहे हैं और न ही कोई जवाब देनेवाला मिल रहा है.(नीचे भी पढ़ें)
पैसे का दुरुपयोग हुआ – अनिल कुमार (स्थानीय निवासी)
चास निवासी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम ने करोड़ों की लागत से यहां पार्क तो बनवा दिया, किन्तु उसमें हमेशा ताला लगे रहनेसे पार्क में कोई आ-जा नहीं सकेगा. पार्क बनते हैं लोगों के लिए स्वच्छ वातावरण मुहैया कराने के लिए, लेकिन इसका यह स्थिति है कि यहां आने पर बीमारियां लेकर ही जाना होगा. इसमें अभी सरकार के पैसे का सिर्फ दुरुपयोग ही हुआ है.
कचरे में बदल चुका है करोड़ों का अमृत पार्क – कोमल कुमारी (स्थानीय निवासी)
कोमल कुमारी ने बताया कि नए साल का शुरुआत होने जा रही है. घर के बगल में करोड़ों की लागत से बना पार्क कचरे में तब्दील हो चुका है. तालाब के किनारे गंदगी भरी है. बच्चे कैसे आकर खेलेंगे, नगर निगम के द्वारा देखने के लिए बनाया गया यह पार्क बेकार हो चुका है. पार्क निर्माण में पैसों की बंदरबांट हुई है.
जर्जर हो गया है पार्क – मनोज कुमार (स्थानीय निवासी)
मनोज कुमार ने बताया कि चास नगर निगम क्षेत्र में बने पांच पार्कों में फेज 4, चास रिहायशी इलाके के बीच में होने के बाद भी देखरेख के अभाव में जर्जर हो गया है. आज स्थिति यह है कि कोई अधिकारी इधर देखने भी नहीं आता है. अब इसकी हमें जानकारी नहीं है कि इसका ठेका किसको दिया गया है.



