
चाकुलिया : बहरागोड़ा प्रखंड की चिंगड़ा पंचायत के कोसाफलिया गांव निवासी शहीद आर्मी जवान गणेश हांसदा के शहादत के दो माह होने को है, परंतु शहीद के गांव का विकास नही हुआ है पहले जिस हाल में गांव था आज भी वैसा ही है. शहीद गणेश हांसदा को श्रद्धांजलि देने उनके गांव पहुंचे क्षेत्र के जन प्रतिनिधि और पदाधिकारी ने उस समय शहीद को श्रद्धांजली देकर उनके परिवार के सदस्यों से मिलकर घोषणाओं की लड़ी लगा दी थी. जन प्रतिनिधियों ने कहा था कि बांसदा चौक को शहीद के नामकरण किया जाएगा, कोसाफलिया गांव को आदर्श ग्राम बनाया जायेगा, गांव में लाइब्रेरी का निर्माण शहीद के नाम पर होगा, शहीद की मूर्ति लगाई जाएगी समेत अन्य कई घोषणा किये गये थे, परंतु जन प्रतिनिधियों द्वारा अपने किये घोषणा पर एक पर भी कार्य शुरू नही किया गया है. जन प्रतिनिधि घोषणा कर शायद भूल गये परंतु शहीद के परिवार और गांव के ग्रामीण आज भी जन प्रतिनिधियों की घोषणा पर आस लगाये बैठे है कि आखिर कब गांव का विकास होगा और कब गांव में जन प्रतिनिधियों द्वारा शहीद की मूर्ति लगायेगें. वही सरकारी पदाधिकारीयों ने भी कई घोषणा की थी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनिय अभियंता ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा था कि विभाग द्वारा शहीद के गांव को प्राथमिकता देते हुए अगले 2-3 माह में गांव को सोलर बोरिंग निर्माण कर घर घर टेपिंग व्यवस्था कर पानी पहुंचाया जायेगा परंतु कार्य पूर्ण करना तो दूर की बात है विभाग द्वारा अबतक गांव में कार्य प्रारंभ ही नही किया गया है. वही बीडीओ और सीओ ने परिवार को आवास मुहैया कराने की बात कही थी जिसपर विभागीय पदाधिकारियों ने अबतक पहल ही नही किया है. गांव के ग्रामीण और शहीद के परिवार गांव के विकास का आश लिए बैठे है और वही पदाधिकारी और जन प्रतिनिधि घोषणा कर भूल गए कभी दोबारा कोई भी जन प्रतिनिधियों द्वारा गांव नही पहुंचे और ना ही परिवार की सुधि लिया है.

शहीद गणेश हांसदा के बड़ा भाई दिनेश हांसदा ने कहा कि उसके छोटे भाई के शहादत पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे जन प्रतिनिधि और पदाधिकारियों ने कई घोषणा की थी, परंतु अब तक एक पर कार्य शुरू नही किया गया है यह दुख की बात है. शहीद के भाई दिनेश हांसदा ने कहा कि सरकारी पदाधिकारी और जन प्रतिनिधि अपने द्वारा किये गये वादों को ध्यान में रखते हुए उसे पूरा करें और शहीद के गांव का विकास करे. उसने बताया कि छोटे भाई के शहादत हुए डेढ़ माह बीत गये है परंतु किसी ने भी अपने वादे के तहत कार्य शुरू नही किया है. कहा कि सिर्फ सरकार ने परिवार को घोषणा के तहत 10 लाख रुपए दिया है और एक सदस्य को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू है की बात कही गयी है. दिनेश हांसदा ने बताया कि शहीद के नाम पर द टारगेट फाउंडेशन संस्था और निश्चय फाउंडेशन द्वारा कई बेहतर कार्य किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि शहीद के सम्मान में जन प्रतिनिधि और पदाधिकारी अपने किये वादे पर अमल करे और गांव का विकास करें.

कोसाफलिया गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव का विकास होना तो दूर की बात है, गांव से आधा किमी कि दूरी पर बांसदा गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्मित आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण किया गया है. कहा कि सेंटर तो बन गया है परंतु वह हमेशा बंद ही रहता है, सेंटर में कभी भी डाक्टर नहीं आते हैं. कहा कि गांव के ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए 13 किमी दूर बहरागोड़ा या 18 किमी दूर चाकुलिया जाना पड़ता है. ग्रामीणों ने मांग किया है कि सेंटर में डॉक्टर की व्यवस्था हो ताकि ग्रामीणों को सेंटर का लाभ मिल सके.







