
Chakuliya : चाकुलिया वन क्षेत्र में पूर्व से ही 20-30 हाथियों के झुंड महीनों से शरण लिए हुए हैं. हाथियों का झुंड लगातार किसी न किसी गांव में घुसकर उत्पात मचा रहा हैं. इस साल हाथियों का झुंड चाकुलिया क्षेत्र के अलग-अलग गांव में पांच लोगों की जान ले चुका है. वहीं कई एकड़ जमीन में खड़ी धन की फसलों को भी बर्बाद कर दिया है. हाथियों के आने से ग्रामीण भयभीत हैं, वहीं वन विभाग के कर्मी की हाथियों को लेकर नींद उड़ी हुई है. दिन-रात वन कर्मी हाथियों को भगाने में जुटे हुए हैं, परंतु हाथी वन क्षेत्र से जाने का नाम नहीं ले रहे हैं. सूचना है कि झारखंड बॉर्डर से सटे पश्चिम बंगाल के गिधनी गांव के पास जंगलों में 30 से 40 की संख्या में हाथी शरण लिए हुए हैं. बंगाल के लोग हाथियों को झारखंड की ओर भगाने में जुटे हुए हैं. इस सूचना पर वन विभाग और बंगाल सीमा से सटे झारखंड के गांव के ग्रामीणों के बीच चिंता बनी हुई है. बंगाल से अगर 30-40 की संख्या में हाथी झारखंड में प्रवेश कर जाते हैं तो चाकुलिया वन क्षेत्र में हाथियों की संख्या बढ़ जाएगी. वही नवंबर से झारखंड में चुनाव का बिगुल बज चुका है. चुनाव के मद्देनजर विभिन राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता मतदान कराने के लिए गांव की ओर रुख करेंगे. हाथियों के आने का चुनाव पर भी इसका असर पड़ सकता है. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता हाथियों के भय से शाम होते ही गांव की ओर नहीं जा पाएंगे ऐसे में चुनाव-प्रचार पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है. वन कर्मियों ने बताया कि बंगाल से झारखंड की और हाथी आने की सूचना उन्हें हैं कहा कि पूर्व से ही इस वन क्षेत्र में कई हाथियों ने शरण लिए हुए हैं उसे ही भगाना मुश्किल हो रहा है.कही कि अगर और हाथी इस वन क्षेत्र में प्रवेश कर जाता है तो उनके समक्ष विकट परिस्थिति उत्पन्न हो जाएगी.



