चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत एनएच-33 गोलचक्कर के समीप अधूरा पड़ा सड़क निर्माण का कार्य अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है. अधूरे काम के बाद भारी बरसात ने स्थिति को और भी विकट बना दिया है. जैसे ही बारिश होती है, सड़क पर जाम दुगनी रफ्तार से बढ़ जाता है. रविवार को तो हालत इतनी बिगड़ गई कि पुराने गोलचक्कर से लेकर पाटा टोल प्लाजा तक करीब 2.5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें यात्री सड़क पर ही घंटों फंसे रहे. लोगों का कहना है कि इस समस्या से उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है. स्कूली बच्चे देर से पहुंच रहे हैं, ऑफिस जानेवाले कर्मचारी परेशान हैं और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनएचएआइ के संवेदक रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और प्रशासन की लापरवाही ने स्थिति को विकराल बना दिया है. करोड़ों की लागत से चल रही इस परियोजना को समय पर पूरा नहीं किया गया, जिससे आए दिन जाम की समस्या बढ़ती जा रही है. लोगों ने सवाल उठाया कि जब यह सड़क राष्ट्रीय महत्व की है तो इसके निर्माण में इतनी उदासीनता क्यों बरती जा रही है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण का कार्य जल्द पूरा नहीं हुआ और जाम की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे. फिलहाल, एनएच 33 पर जाम अब चांडिल वासियों के लिए ‘जी का जंजाल’ बन गया है, जबकि प्रशासन मौन साध कर बैठा हुआ है.



