
जमशेदपुर : भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) की ओर से भविष्य के इंडस्ट्रियल रिलेशन (आइआर) पर कांक्लेव का आयोजन किया गया. इस आयोजन में कई कंपनियों के मानव संसाधन विभाग के लोगों ने हिस्सा लिया. इस कांक्लेव का आयोजन जमशेदपुर के बेल्डीह क्लब में आयोजित हुआ, जिसमें भविष्य में ट्रेड यूनियन की राजनीति और उद्योगों के बीच किस तरह से समन्वय स्थापित किया जाना है, इस पर कंपनियों से जुड़े लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये. इस कार्यक्रम के दौरान ट्रेड यूनियन लीडर से लेकर कंपनी के सीएचआरओ, सीइओ समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद थे.

कार्यक्रम के उदघाटन सत्र को टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी ने संबोधित किया. इस मौके पर श्री त्रिपाठी ने कहा कि न्यूनतम वेतनमान, काम के माहौल, कर्मचारियों के विश्वास को लेकर अक्सर मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति होती है. इस तरह कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच हुई परेशानियों को दूर करने के लिए यूनियनों का गठन किया गया और इंडस्ट्रियल रिलेशन डिपार्टमेंट (आइआर) की शुरुआत हुई, ताकि कंपनी में शांति व्यवस्था बहाल हो सके. हालांकि, हाल के दिनों में इंडस्ट्रियल रिलेशन में बदलाव हो चुका है. हाल के दिनों में यूनियन के सदस्यों को भी मल्टीस्किल्ड होने की जरूरत है और स्थानीय मुद्दों को सुलझाते हुए, किस तरह कंपनी को वैश्विक तौर पर उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को दूर किया जा सकता है, इसको लेकर कर्मचारियों को ट्रेंड करने की जरूरत है. सीआइआइ झारखंड स्टेट काउंसिल के चेयरमैन सह तार कंपनी के एमडी नीरजकांत ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय उद्योगों को अब वैश्विक प्रैक्टिस और बेंचमार्क को अपनाने की जरूरत है. इसमें आइआर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है ताकि कर्मचारी खुश भी रहे, उत्पादकता वाले कामगार हो और मैनेजमेंट के साछ मजदूरों का तालमेल काफी बेहतर हो सके.

टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (पहले जुस्को) के एमडी तरुण डागा ने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए स्थानीय मुद्दों को लेकर उदारतापूर्ण कदम उठाते हुए यूनियनों को चाहिए की प्रबंधन के साथ मिलकर काम करें और चुनौतियों को अवसर में कैसे बदला जा सकता है, इस पर विचार किया जाये. इस मौके पर हाइको इंजीनियरिंग के इडी सह संयोजक सीआइआइ तापस कुमार साहू, सह संयोजक सीआइआइ केके खरिया ने भी लोगों को संबोधित किया. इस मौके पर ट्रेड यूनियन की ओर से मजदूर नेता और इंटक के राष्ट्रीय सचिव राकेश्वर पांडेय, सीटू के महासचिव प्रकाश विप्लव, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, श्याम स्टील के ग्रुप एचआर हेड सह वीपी श्रीबेश बेलथरिया, भारतीय मजदूर संघ के नेता संतोष साहू, टाटा वर्कर्स यूनयिन के उपाध्यक्ष शहनवाज आलम, एक्सएलआरआइ के एचआरएम क्षेत्र देखने वाले प्रोफेशर डॉ केआर श्याम सुंदर, सेल की इडी कामाक्षी रमण, टाटा मोटर्स के एचआर हेड रवि सिंह समेत करीब सौ से अधिक लोगों ने इसमें हिस्सा लिया.








