
जमशेदपुर : ‘हाई-ट्रस्ट, हाई-परफर्मेंस कल्चर’ का निर्माण कर और विश्वसनीयता, सम्मान, निष्पक्षता, गर्व व परोपकार के पहलुओं को आत्मसात कर सभी कर्मचारियों के लिए ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ (काम करने के लिए सर्वोत्तम स्थान) का सृजन करने के लिए टाटा स्टील को भारत के ‘बेस्ट प्लेसेज इन मैन्युफैक्चरिंग 2020’ की सूची में शुमार किया गया है. टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी ने कहा कि भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के सर्वश्रेष्ठ नियोक्ताओं में टाटा स्टील को लगातार शुमार किया जाना कंपनी में सबके लिए काफी गर्व की बात है. इस सम्मान का मूल्य विशेष रूप से टाटा स्टील जैसे व्यापक और कर्मचारी-केंद्रित संस्थान के लिए सशक्तिकरण है, जो दशकों के भरोसे पर बना है. आज, न केवल भारत में बल्कि विश्वस्तर पर नियोक्ताओं को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करने, संलग्न करने और जोड़े रखने में कार्य वातावरण के मानकों को बढ़ाने और पूरा करने की दिशा में लगातार काम करते रहना होगा. यह सम्मान उस कार्य संस्कृति को बनाने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी, जो समावेशी है और उन्हें अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमताएं के अनुसार परिणाम देने और जिम्मेदारियों को पूरा करने में उनका पोषण करती है. टाटा स्टील के मानव संसान अभ्यासों और सभी स्तरों पर विविधता को गले लगाने वाली कार्य संस्कृति की सराहना करते हुए ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क इंस्टीटय़ूट ने कहा कि टाटा स्टील अनुकूल, प्रगतिशील और मजबूत मानव संसान कार्यक्रमों के साथ अपने लोगों को प्रेरित कर रही है. आदिवासी समुदाय पर विशेष ध्यान देने के साथ, एलजीबीटी की जरूरतों के प्रति संवेदनशील होने के लिए सकारात्मक कार्य के क्षेत्र में कई पहलों के माध्यम से टाटा स्टील ने साबित कर दिया है कि वास्तव में समावेशी संस्थान कैसा होता है. कार्य वातावरण चुनौतियों और अपने लोगों का समान रूप से पोषण करता है. सीखने और विकास के अवसर पर्याप्त हैं. जुड़ाव की कई गतिविाधियां एक विशाल परिवार की भावना को सुनिश्चित करती हैं. पिछले 100 से ज्यादा वर्षो में, टाटा स्टील दुनिया में सबसे अधिक कर्मचारी-हितैषी कंपनियों में से एक के रूप में उभरा है और मानव संसाधन के क्षेत्र में उद्योग के मानकों का निर्माण के लिए जाना जाता है. कानून द्वारा अनिवार्य किये जाने से पहले ही कंपनी कर्मचारी कल्याण योजनाओं और सामुदायिक पहलों में अग्रणी रही है. 8 घंटे का कार्य दिवस, लीव विथ पे स्कीम और श्रमिक भविष्य निधि योजना इनमें से कुछ उल्लेखनीय पहल हैं, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा अपनाया गया और भारत में कानून द्वारा अधिनियमित किया गया.
टाटा स्टील लगातार लोगों को किराए पर लेने, जुड़ाव, विविधता व समावेश, पुरस्कार व सम्मान और प्रदर्शन प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार और जनोंमुखी कार्यों में पदप्रदर्शक रही है. बदलते समय को ध्यान में रखते हुए, कंपनी ने कार्यबल के विभिन्न क्षेत्रों के लिए 5-दिन का कार्य-सप्ताह, मासिक धर्म की छुट्टी, पितृत्व अवकाश, दत्तक अवकाश, दूरस्थ कार्यालय संचालन, कर्मचारी सहायता कार्यक्रम (उमंग), टेक 2 (टाटा स्टील के कर्मचारियों और महिला पेशेवरों को कैरियर-ब्रेक देने का एक मंच), खदानों महिला श्रमबल की तैनाती व शॉप फ्लोर पर सभी शिफ्टों में महिला कर्मचारियों की तैनाती और एलजीबीटी+ समावेशी नीति जैसे कई पथ-प्रदर्शक नीतियों, अभ्यासों और पहलकदमियों की शुरुआत की है. समान अवसर नियोक्ता के रूप में, टाटा स्टील ने समाज के वंचित लोगों से उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है. कंपनी की विविधता और समावेश कार्यक्रम ‘मोजाइक’ लैंगिक विविधता, दिव्यांगों को किराए पर रखने और उनका समावेश करने के साथ-साथ एलजीबीटीक्यू के समावेशन आदि को सक्षम कर रहा है. ’वेस्ट वर्कप्लेसेज इन मैन्युफैक्चरिंग 2020’ सम्मान ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ द्वारा दिया जाता है, जो दुनिया भर के कार्यस्थलों पर हाई-ट्रस्ट, हाई-परफर्मेस कल्चर के निर्माण, पोषण और सम्मान पर एक ग्लोबल ऑथोरिटी है. हर साल, ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ भारत में 1000 से अधिक संस्थानों को पार्टनर बनाता है और कठोर मूल्यांकन के बाद इनमें से सर्वश्रेष्ठ को ‘ग्रेट वर्कप्लेसेज’ के रूप में चिन्हित करता है. यह मान्यता देश में सर्वश्रेष्ठ कार्य संस्कृतियों का उत्सव है और सबसे प्रतिष्ठित व सबसे विश्वसनीय नियोक्ता ब्रांड का सम्मान है. इस वर्ष, भारत में, 142 मैन्युफैक्चरिंग संस्थानों ने मूल्यांकन में हिस्सा लिया और इंस्टीट्यूट ने भारत के 30 शीर्षस्थ ‘बेस्ट वर्कप्लेसेज : मैन्युफैक्चरिंग, 2020’ को चिन्हित किया. जिन संस्थानों ने प्रतिष्ठित सूची में स्थान पाया है, उनका मूल्यांकन दो मापदंडों के तहत किया गया था-ट्रस्ट इंडेक्स और कल्चर ऑडिट. ट्रस्ट इंडेक्स के लिए, सर्वेक्षण ने कर्मचारियों का बेनामी फीडबैक मांगा था और इसमें दो-तिहाई वेटेज था. वर्तमान अध्ययन सेक्टर में 337,129 कर्मचारियों की आवाज का प्रतिनिधित्व करता है. कल्चर ऑडिट, जो एक प्रोप्राइटरी टूल्स है, एक संस्थान के लोगों की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने के साथ पूरे कर्मचारी जीवन चक्र को कवर करता है और एक तिहाई वेटेज वहन करता है. ट्रस्ट इंडेक्स और कल्चर अडिट का संचयी अंक भारत के ‘बेस्ट वर्कप्लेसेज इन मैन्युफैक्चरिंग 2020’ किसी संस्थान के समावेश को निर्धारित करता है. विशुद्ध रूप से कर्मचारियों के फीडबैक और जन-अभ्यासों की गुणवत्ता पर ही किसी संस्थान को इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया जाता है, जिसमें किसी व्यक्ति या जूरी का किसी प्रकार का प्रभाव या हस्तक्षेप नहीं होता है.







