
धनबाद: झारखंड के धनबाद में एडीजे उतम आनंद की मौत के मामले में गिरफ्तार ऑटो चालक लखन और राहुल को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है. लेकिन, मौत मिस्ट्री को नहीं सुलझ सकी है. दोनों अब तक एक ही बात दोहरा रहे हैं कि शराब के नशे में हादसा हो गया. पुलिस उनके जवाब से सहमत नहीं है. माना जा रहा है कि दोनों पुलिस को सहयोग नहीं कर रहे हैं. ऐसे में धनबाद पुलिस ऑटो चालक लखन सहयोगी राहुल और ऑटो का मालिक रामदेव विश्वकर्मा का नार्को टेस्ट करवा सकती है. धनबाद पुलिस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में नार्को टेस्ट करवाने को लेकर आवेदन कर सकती है.धनबाद में एसआईटी की बैठक चल रही है. बैठक में नार्को टेस्ट करवाने पर सहमति बनी तो एसआईटी कोर्ट में पेश कर सकती है. गिरफ्तार तीनों व्यक्ति पुलिस के कई सवालों से बच रहे है. उन तीनों के जवाब से संदेह गहरा रहा है. यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि जज की मौत हादसा है या हत्या.विदित हो कि धनबाद में एडीजे उत्तम आनंद की 28 जुलाई को संदिग्ध मौत हो गई थी. जज सुबह मॉर्निंग वॉक कर रहे थे. इसी दौरान एक ऑटो ने पीछे से आकर उन्हें टक्कर मार दिया था, जिसके बाद वे वहीं पर गिर गए. स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. टक्कर के बाद उनके सिर और कान पर गंभीर चोट आई थी. इस मामले में झारखंड पुलिस के एडीजी संजय आनंद लाटकर के नेतृव में बनी एसआईटी मामले की जांच कर रही है. पुलिस के साथ मिलकर एसआईटी की टीम तकनीकी पहलुओं पर जांच कर रही है. एडीजे उत्तम आनंद ने बीते कुछ माह में किन किन अपराधियों, गैंग के खिलाफ उन्होंने सुनवाई की थी, उसमें शामिल लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है. वहीं, मामले में तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर, कॉल डंप कर खंगाल रही है.



