
जमशेदपुर : केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार की शाम कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के साथ हुई वेबिनार बैठक में आश्वासन दिया कि भारत में ई-कॉमर्स व्यवसाय को देश के व्यापारियों और उपभोक्ताओं द्वारा ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करने के अनुकूल बनाया जाएगा और ई कॉमर्स व्यवसाय में एक समान स्तर की प्रतिस्पर्धा वाला व्यापारिक मॉडल तैयार किया जा रहा है जिससे अधिक से अधिक व्यापारियों को व्यापार के अतिरिक्त अवसर के रूप में ई-कॉमर्स को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने और बेहतर वाणिज्य बाजार सुनिश्चित किया जा सकेगा. श्री गोयल ने कैट के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोन्थालिया को बताया कि उनका मंत्रालय एक मजबूत ई-कॉमर्स नीति लाने के लिए ज़ोरदार तैयारी कर रहा है और एफ़डीआई नीति के तहत एक नया प्रेस नोट 3 भी जल्द ही जारी किया जायेगा जिसमें प्रेस नोट 2 के प्रावधानों का उल्लंघन करने जैसे सभी रास्तों को बंद किया जाएगा. बैठक में वाणिज्य मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के लगभग एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया. श्री गोयल ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी कानून और नियमों का उल्लंघन करने की हिम्मत न करे और यदि कोई ऐसा करता है, तो उन्हें परिणामों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए. भारत स्थापित कानूनों की भूमि है और प्रत्येक संबंधित कंपनियों को हर प्रकार से नियमों का पालन करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अब तक पत्र एवं काग़ज़ों पर ही कानून का पालन किया गया था जबकि असलियत और मंशा कुछ और ही थी. ऐसी अनिश्चित स्थिति के मद्देनजर, सरकार ने गंभीर विचार किया है और तदनुसार ई-कॉमर्स को व्यापार के लिए आकर्षक और लाभदायक ज़रिया बनाने के लिए जल्द ही कई कदम उठाए जाएंगे जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर और आसान विकल्प प्राप्त हो सके. श्री गोयल ने ऑनलाइन कारोबार के किसी भी माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं के ऑनलाइन लेनदेन में लगे प्रत्येक ई-कॉमर्स इकाई के अनिवार्य पंजीकरण के कैट द्वारा दिये गए सुझाव की सराहना की. उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों से सुझाव पर काम करने को कहा. श्री गोयल ने कहा कि सरकार व्यापारियों के मुद्दों के प्रति बहुत संवेदनशील है और सरकार व्यापार करने में आसानी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि व्यापारी अर्थव्यवस्था की वास्तविक रीढ़ की हड्डी हैं और किसी भी संकट के समय, व्यापारी हमेशा मदद के लिए आगे रहें हैं. कोरोना लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने में व्यापारियों द्वारा प्रदान की गई शानदार सेवाएं इस तथ्य की पर्याप्त गवाही दे रही हैं. श्री गोयल ने कैट को सरकार के साथ मिलकर राजस्व के स्त्रोत एवं कर आधार को व्यापक बनाने में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की अपील की. जीएसटी कराधान प्रणाली को आसान बनाने के लिए कैट के सुझाव पर, श्री गोयल ने आश्वासन दिया कि वह निश्चित रूप से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बात करेंगे और कैट को उन्होंने सलाह दी की वो भी इस मामले पर अपना एक विस्तृत ज्ञापन वित्त मंत्री को देकर अपनी कठिनाइयों से उन्हें अवगत कराएं. श्री सोन्थलिया ने कहा कि व्यापारी जीएसटी कलेक्ट कर देश के विकास में महतवपूर्ण भूमिका अदा करते है, ऐसे में जीएसटी में रजिस्टर्ड व्यापारियों के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी होनी चाहिये.






