शार्प भारत डेस्क : आयुर्वेद की मान्यता है कि प्रत्येक पौधे में किसी न किसी प्रकार का औषधीय गुण होता है. वास्तव में कुछ पौधे दूसरों की तुलना में अधिक मूल्यवान माने जाते हैं क्योंकि उनके सभी भाग—पत्तियां, फूल, फल, तना, छाल आदि—औषधीय होते हैं. भूमि आंवला का पेड़ इसका एक उदाहरण है. यह पौधा भले ही दिखने में छोटा है लेकिन इसकी औषधीय गुण बेहद प्रभावशाली है. इसे हम लीवर टॉनिक और पथरी नाशक पौधे के नाम से भी जानते है. यह अपच, एसिडिटी, पेट फूलना और कब्ज जैसी समस्याओं को भी दूर करने में मददगार है. इसे नियमित सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है. भूमि आंवला ब्लड ग्लूकोज को कंट्रोल करने में भी सहायक है, जिसे डायबिटीज के मरीजों को लाभ मिलता है. नीचे पढ़ें इसके औषधीय फायदे
पाचन तंत्र को सुधरता है – भूमि आंवला पाचन तंत्र को सुधारता है. गैस, पेट दर्द और कब्ज जैसी समस्याओं से तुरंत निजात मिल जाता है.
लीवर को मजबूत बनाये – लीवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है. इसे स्वस्थ्य रखना बेहद जरूरी है. भूमि आंवला मुख्य तौर पर लीवर की कार्य क्षमता को बढ़ाता है और फैटी लीवर जॉन्डिस जैसी बीमारियों के लाभकारी है.
किडनी स्टोन में लाभकारी – भूमि आंवला गुर्दे की पथरी को गलाने और मूत्र मार्ग से बाहर निकलने में मदद करता है. यह पेशाब की रुकावट जलन और मूत्र संबंधी संक्रमण को भी दूर करता है.
बालो के लिए लाभकारी – यह आंवले बालों को मजबूत करने में भी मददगार है. इसके साथ ही यह बालों के ग्रोथ को भी बढ़ाता है.
इम्युनिटी बढ़ाने में कारगर – इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो शरीर को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और इंफेक्शन से बचाते हैं. (नीचे भी पढे़ं)
भूमि आंवला का काढ़ा बनाने का तरीका : भूमि आंवला को सूखाकर पाउडर पानी या शहद के साथ लिया जा सकता है. इसका ताजा जूस पीना फायदेमंद है. इसे अन्य जूस के साथ भी मिलाया जा सकता है. पत्तियों और जड़ों को उबालकर काढ़े का सेवन किया जा सकता है. इसे पीसकर त्वचा पर इसके लेप को लगाने से त्वचा रोगों में राहत मिलती है. (नीचे भी पढ़ें)
भूमि आंवला के फायदे अनेक हैं, लेकिन इसका उपयोग सावधानी से करना चाहिए. आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के बिना इसका सेवन न करें. गर्भवती या ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं को डॉक्टर से परामर्श जरूरी है. अगर आप कोई दवा ले रहे हैं, तो भूमि आंवला शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें.




