
नयी दिल्ली : भारतीय रेलवे के कर्मचारियों का आंदोलन पहले ही दिन रंग लायी. बुधवार को रेलवे के सारे कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर बोनस नहीं देने के लिए केंद्र सरकार का विरोध किया था तो हड़ताल पर जाने की भी घोषणा की थी. लेकिन इस आंदोलन के करीब चार से पांच घंटा के बाद ही केंद्र सरकार के कैबिनेट की बैठक में बोनस का ऐलान कर दिया गया. इसके तहत कैबिनेट ने 2019-2020 के लिए नॉन प्रोडक्टिविटी लिंक्ज बोनस और प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंदूरी दी, जिसके हतत 30.67 लाख नन गैजेटेड कर्मचारियों को बोनस देने की घोषणा कर दी गयी. बोनस की राशि दशहरा के पहले पूरी रकम एक किश्त में दे दी जायेगी. इसकी जानकारी खुद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दी, जिसके तहत यह कहा गया कि बोनस पर कुल 3737 करोड़ रुपये केंद्र सरकार खर्च करेगी.
सभी के एकाउंट में पैसा दे दिया जायेगा. बोनस की राशि रेलवे, पोस्ट ऑफिस, डिफेंस, इपीएफओ और इएसआइसी जैसे संस्थानों के करीब 16.97 लाख कर्मचारी को इसका लाभ मिलेगा, जिनको प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस मिलेगा. 13.70 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को नन प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस मिलने जा रहा है. इससे देश की इकॉनॉमी फिर से पटरी पर आयेगा और लोग खरीददारी आराम से कर सकेगा.





