
जमशेदपुर : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री सह जमशेदपुर पश्चिम के विधायक बन्ना गुप्ता को पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित कोल्हान के तीनों जिलों का एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय के खिलाफ मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा दायर केस को एमपी एमएलए कोर्ट को खारिज कर दिया गया है. चाईबासा के स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए पैसला सुनाया और कहा है कि सारे तथ्यों को देखने के बाद यह पाया जाता है कि भारतीय दंड विधान (आइपीसी) की धारा 499/500 और अंडर सेक्शन 66 आइटी एक्ट का केस सरयू राय के खिलाफ नहीं चलाया जा सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
इस कारण इस केस को खारिज किया जाता है. आपको बता दें कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने पिछले दिनों पश्चिम सिंहभूम के चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए न्यायालय में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था. सरयू राय ने यह आरोप लगाया था कि मंत्री बन्ना गुप्ता प्रतिबंधित पिस्तौल रखते है और इसका इस्तेमाल कर रहे है. इस मामले को लेकर मंत्री बन्ना गुप्ता ने विधायक सरयू राय के खिलाफ केस दायर किया था, जिसमें यह कहा गया था कि बिना किसी प्रमाण के मंत्री की छवि को खराब किया गया है और उनके चरित्र का हनन कर मानहानि करने की कोशिश की गयी है. मंत्री बन्ना गुप्ता की ओर से अधिवक्ता प्रकाश झा के माध्यम से एक नोटिस भी भेजा गया था. (नीचे भी पढ़ें)
इस नोटिस के आलोक में विधायक सरयू राय ने कहा था कि यह नोटिस कूड़ादान में डालने लायक है. इसके बाद कोर्ट में यह केस चलाया गया, लेकिन इस मामले में मंत्री बन्ना गुप्ता के केस को खारिज कर दिया गया. इस मामले में न्यायिक पदाधिकारी ऋषि कुमार के समक्ष स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का बयान दर्ज कराया गया था. साथ ही तथ्य भी प्रस्तुत कर दिये गया थे. है. आपको बता दें कि विधायक सरयू राय ने मंत्री बन्ना गुप्ता पर यह आरोप लगाया था कि उन्होंने प्रतिबंधित हथियार अपने पास रखे है, जो गैर कानूनी है और सरकार को तत्काल इस मामले में कार्रवाई करना चाहिए. इसको लेकर यह केस दायर किया गया था. हालांकि, एक और केस मंत्री बन्ना गुप्ता ने विधायक सरयू राय के खिलाफ दायर किया है.



