
जमशेदपुर : टाटा स्टील की शत-प्रतिशत सब्सिडियरी वाली तार कंपनी (इंडियन स्टील वायर प्रोडक्ट यानी आइएसडब्ल्यूपी) की यूनियन चुनाव को लेकर माहौल गर्माता नजर आ रहा है. यूनियन के पूर्व महामंत्री आशीष अधिकारी गुट के नेता सरदार गुरदीप सिंह एवं सरदार अमरजीत सिंह की अध्यक्षता में तार कंपनी आवास परिसर में एक बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक में आगामी यूनियन चुनाव को देखते हुए बहुत सारी विषयों पर चर्चा किया गया एवं सर्वसम्मति से निर्णय भी लिया गया. इन लोगों ने सत्ताधारी पक्ष पर आरोप लगाया कि अभी जो वर्तमान केअर टेकर यूनियन है उनके द्वारा सत्ता पाने के लिए 2018 के यूनियन चुनाव में मजदूरों को जो प्रलोभन दिया गया था एवं जिस प्रलोभन के कारण ये लोग सत्ता में आए थे, उसमें से एक भी वादा अपने तीन साल के कार्यकाल में पूरा नही कर पाये. उन लोगों ने सत्ता में आने के लिए मजदूरों से वादा किया था कि ई-ग्रेड के विसंगतियों को तत्काल दूर कराएंगे, इ ग्रेड का सिक लिव एनकेशमेंट तत्काल करवाएंगे, 2021 में ग्रेड रिवीजन इंस्टालमेन्ट रहित एवं 5 वर्ष करवाएंगे, (5 वर्ष का प्रोमोशन पॉलिसी तत्काल रद्द करवाया जायेगा, नई इंसेंटिव पालिसी तत्काल प्रभावित कराया जाएगा जिससे सभी मज़दूरों को एक मुश्त लाभ मिलेगा. लेकिन यह सब पूरा नहीं किया गया. इसके अलावा वर्तमान कमेटी ने कहा था कि मजदूरों को वार्षिक यूनिफॉर्म तत्काल डबल दिलाया जाएगा, रिटायर के बाद मजदूरों को अपनी कंपनी क्वार्टर में रहने की समय सीमा तत्काल बढ़ाया जाएगा और वादा करते हैं कि बकाया वेतन दिलाने हेतु तुरंत दबाब बनाया जायेगा. इन लोगों ने आरोप यह भी लगाया कि वर्तमान यूनियन कमेटी के 2018 के चुनाव घोषणा पत्र से लगता है कि यूनियन रेलवे के तत्काल टिकट काउंटर खोल रखा है. तीन साल के कार्यकाल बीत जाने के बाद भी इस चुनाव घोषणा पत्र में से एक भी वादा इस यूनियन ने पूरा नही किया है. हमेशा कोरोना का रोना रोकर बरगलाने की कोशिश की गयी. इन लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि हर मजदूरों के बेटे-बेटी का हक छीनकर तीन साल के कार्यकाल में सिर्फ इनके यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट श्रीकांत सिंह अपने बेटे को कंपनी में नौकरी देकर एवं तत्काल परमानेंट कराकर एक बहुत बड़ा कामयाबी हासिल की है. श्रीकांत सिंह के बेटे को छोड़कर 600 मजदूरों के बेटे-बेटी में किसी का भी काबिलियत शायद इनके बेटे के बराबर नही है. मजदूर अब इन लोगों की चालाकी समझ चुके हैं एवं मजदूरों ने अब इस झूठे तत्काल बाले केअर टेकर यूनियन को बाहर की रास्ता दिखाने के लिए मन बना लिया है. इनलोगो की और एक चालाकी मजदूरों ने पकड़ ली है. इन लोगों ने मजदूरों को मजदूरों से लड़ाने की काम कर रहा है. जेम्को से आने वाले मजदूर को गुमराह कर रहे हैं. उन लोगों को जेम्को के केटेगरी मैं रखकर तार कंपनी के मजदूरों से अलग बताने की कोशिश किया जा रहा है. वस्तुस्थिति यह है कि सभी मजदूर एक है और सभी तार कंपनी के कर्मचारी है. किसी की कोई अलग पहचान नहीं है. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यूनियन चुनाव के लिए प्रशासन को आवेदन दिया जाएगा और यह भी बताया गया कि विपक्षी यूनियन कभी भी यह नही कहा कि ग्रेड रिविजन वार्ता रोक दिया जाए. यह गलत एवं भ्रामक दुष्प्रचार केअर टेकर यूनियन द्वारा किया जा रहा है क्योंकि इन लोगो से ग्रेड होने वाला नही है. अगर इनलोगों ने अपने इच्छाशक्ति दिखाया होता तो समय पर ग्रेड के लिए चार्टर ऑफ डिमांड सौपता. 6 महीना बीत जाने के बाद ग्रेड बनाने की इच्छाशक्ति जागा. अंत में सभी ने एकजुट होकर निर्णय लिया कि अगर अविलम्ब चुनाव नही होता है तो कोर्ट का शरण लिया जाएगा. इस बैठक में आशीष अधिकारी, राम सिंह, शरद मिश्रा, मंगल करवा, विमल कुमार, निरंजन सिंह, रामदास, जसविंदर सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, निशित रंजन मिश्रा, श्याम कालिंदी, विश्वजीत तिवारी, कारू कुमार, रंजीत, देवाशीष घोष, राकेश कुमार, सगीर अहमद, मनीष कुमार, पलविंदर सिंह, त्रिलोक सिंह( बिट्टू), गौरव बॉस, अवतार सिंह, मनमीत सिंह, जितेंद्र तिवारी, हीरा लाल करवा, वीके वर्गिस, अरुण कुमार, मनीष, अर्जुन बिरजू त्रिपाठी, संजय सिंह, विनय शर्मा, शशि कांत सिंह, राजेश यादव, दीपक, विश्वजीत सरकार, अमरेंद्र सिंह इत्यादि कर्मचारी उपस्थित थे.




