जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार जांच और नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है. सोमवार को जिले में कुल 2,223 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिनमें रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) से 1,883 और स्लाइड टेस्ट के जरिए 340 लोगों की जांच शामिल है. जांच के दौरान कुल 14 नए मलेरिया मरीजों की पुष्टि हुई. इनमें 9 मरीज प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ), चार मरीज प्लास्मोडियम विवैक्स (पीवी) और एक मरीज मिश्रित संक्रमण से पीड़ित पाया गया. पोटका प्रखंड में सबसे अधिक छह मलेरिया संक्रमित मिले. यहां 547 लोगों की जांच में पांच पीएफ और एक पीवी मरीज की पुष्टि हुई. वहीं, मुसाबनी में 268 लोगों की जांच के दौरान चार पीएफ मरीज मिले. (नीचे भी पढ़ें)
पटमदा प्रखंड में 78 लोगों की हुई जांच में तीन पीवी संक्रमित पाए गए. तीनों मरीज सबर समुदाय से हैं और धूसरा गांव के निवासी बताए गए हैं. धालभूमगढ़ में 177 लोगों की जांच में एक पीएफ मरीज मिला. जिले के अन्य प्रखंडों में बहरागोड़ा में 231, चाकुलिया में 327, डुमरिया में 14, घाटशिला में 237, जुगसलाई में 275, शहरी मानगो में 12, शहरी बिरसानगर में नौ तथा सदर अस्पताल में 48 लोगों की मलेरिया जांच की गई। इन स्थानों पर जांच के दौरान मलेरिया का कोई नया मामला सामने नहीं आया. मलेरिया नियंत्रण अभियान के तहत धालभूमगढ़ में एक गांव में इनडोर रेजिडुअल स्प्रे (आइआरएस) कराया गया, जबकि एक गांव में फॉगिंग कराई गई. स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में जांच के साथ-साथ मच्छर नियंत्रण अभियान भी जारी है.




