जमशेदपुर : जमशेदपुर के टेल्को स्थित लिटिल फ्लावर स्कूल द्वारा “भवन निधि” के नाम पर छात्रों से की जा रही वसूली के मामले में जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जिला शिक्षा अधीक्षक ने विद्यालय प्रबंधन/प्राचार्य को पत्र लिख कर इस संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा है. विद्यालय प्रबंधन/प्राचार्य को लिखे पत्र में जिला शिक्षी अधीक्षक ने तीन दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण सौंपने का निर्देश दिया है. यह कार्रवाई भाजपा नेता सह शिक्षा अधिकार कार्यकर्ता अंकित आनंद की शिकायत पर की गई है. (नीचे भी पढ़ें)

बताते चलें कि अंकित आनंद ने जिला प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में की गई शिकायत में आरोप लगाया था कि स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रत्येक छात्र से ₹1000 प्रतिमाह तथा नया दाखिला लेनेवाले विद्यार्थियों से ₹12,000 की अनिवार्य वसूली की जा रही है, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 13 के तहत प्रतिबंधित “कैपिटेशन फीस” की श्रेणी में आता है. (नीचे भी पढ़ें)
जारी आदेश में जिला शिक्षा अधीक्षक ने स्पष्ट उल्लेख किया है कि किसी भी विद्यालय को बिना जिला शुल्क समिति की अनुमति के 10% से अधिक शुल्क वृद्धि का अधिकार नहीं है. साथ ही, विभाग ने विद्यालय प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से उक्त मद में शुल्क-वसूली बंद करने एवं पूर्व में इस मद में वसूली गई राशि को अगले माह के शुल्क में समायोजित करने का निर्देश दिया है. पत्र में चेतावनी भी दी गई है कि आदेश का अनुपालन नहीं होने की स्थिति में विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध शिक्षा का अधिकार अधिनियम एवं झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण अधिनियम, 2017 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
शिक्षा विभाग की इस त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए भाजपा नेता अंकित आनंद ने उपायुक्त एवं शिक्षा अधीक्षक का आभार जताया है. उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन पर सुसंगत कार्रवाई होनी चाहिए ताकि अभिभावकों के शोषण और आर्थिक दोहन पर कारगर तरीके से रोक लग सके.



