अन्नी अमृता /जमशेदपुर :इसे तकनीकी भूल कहें या लापरवाही या कुछ और लेकिन इस भूल से अब चार वर्षीय बच्चे का स्कूल में दाखिला मुश्किल हो चला है. मामला पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ प्रखंड के कोकपाडा-नरसिंहगढ पंचायत का है, जहां के मोहम्मद इकबाल ने अपने चार वर्षीय बेटे को जमशेदपुर के अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बीपीएल कोटे के तहत पढ़ाना चाहा जिसके लिए उन्होंने धालभूमगढ सर्किल ऑफिस में आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन दिया. आवेदन के बाद 72000 सालाना आय वाला प्रमाणपत्र कार्यालय से जारी भी हुआ लेकिन पिता की जगह चार वर्षीय पुत्र का प्रमाणपत्र जारी हो गया. अब इस डाक्यूमेंट के मुताबिक मुहम्मद इकबाल के चार वर्षीय बेटे मुहम्मद अयान की सालाना आय 72000 रुपये है. अब गरीब इकबाल परेशान और डरा हुआ है कि वह क्या करे. डर कर वह इस बात को दबी जुबान से कहीं कहीं साझा कर रहा है, मगर सामने नहीं आ रहा है. (नीचे भी पढ़े)

वहीं पत्रकार प्रीतम सिंह भाटिया ने जारी किए गए इस आय प्रमाणपत्र को ट्वीट करते हुए लिखा है कि पीड़ित जिला शिक्षा अधीक्षक से लेकर सीओ ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं.बीपीएल कोटे के तहत जमशेदपुर के अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ने का सपना पूरा करने की कोशिश की बजाए अब पीड़ित परिवार इस कागजात को सुधारने के लिए संघर्ष कर रहा है. पीडित लोग इतना डरे हुए हैं कि वे खुलकर किसी वरीय पदाधिकारी या उपायुक्त से मिलकर शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं. वे अधिकारी जो इस तरह की जांच करते हैं और चार पांच साल के बच्चे का आय प्रमाण पत्र जारी कर देते हैं. उन्होंने कहा कि वे ट्वीट करके उजागर कर रहे ताकि पीड़ित गरीब की मदद हो सके.




