
जमशेदपुर : मैच में अकेले गोल करने से ज्यादा आसान होता है एक दूसरे की सहायत से करना है. यह बातें शनिवार को जमशेदपुर के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने एक्सएलआरआइ लर्निंग सेंटर में पदाधिकारियों के लिए आयोजित तनाव प्रबंधन कार्यशाला में कही. उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की पूरी टीम कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए अच्छा कार्य कर रही है, जरूरत है कि अब दूरगामी लक्ष्य के बारे में सोचें. आज से जिले में प्रवासी मजदूरों, छात्रों तथा अन्य लोगों का आगमन शुरू होने वाला है. उन्होने कहा कि पूरी टीम तन्मयता एवं कार्यकुशलता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें उम्मीद है इस दिशा में तनाव प्रबंधन की ये कार्यशाला काफी सहायक सिद्ध होगी.

संकट के समय में चुनौती और अवसर दोनों होते हैं : उपायुक्त
अभी तक जिस प्रकार जिला प्रशासन की पूरी टीम कोविड-19 के संभाव्य प्रसार को रोकने में सफल रही है इसमें हमारे लिए चुनौती और अवसर दोनो हैं. चुनौती यह है कि हम जिले में कोविड-19 के संभाव्य प्रसार पर रोकथाम लगाये रखें तथा अवसर ये कि हमारे कार्यों से जनता का विश्वास प्रशासन के प्रति और गहरा होगा. हम सभी को नित्य ये विचार करते रहना है कि व्यक्तिगत एवं समूह के तौर पर कैसे खुद में सुधार करते रहें जिससे हमारी कार्यक्षमता बरकरार रहे. हम टीम में कैसे अपना योगदान दें जिससे हम सभी एक दूसरे का मनोबल बढ़ाए रखते हुए अपने कर्तव्यों का सफलतापूर्वक संपादन करते रहें.
कार्यशाला में पदाधिकारियों को तनाव से मुक्ति का मार्ग बताया गया
मन के विचारों से मानसिक तनाव उत्पन होता है. कुछ विचार ऐसे होते हैं जो आपके मन मे चलते रहतें है और वह आप किसी के साथ बांट नहीं सकते लेकिन आपके कार्यक्षेत्र में उसका बराबर नकारात्मक प्रभाव पड़ते रहता है. हमारे सामने दोनो रास्ते हैं- किसी भी परिस्थिति में शिकायत की मुद्रा में रहें है या यह सोचें कि जो होता अच्छे के लिए होता है तथा उन नकारात्मक सोच से बाहर निकलने का विचार करें. नकारात्मक सोच को अपने ऊपर हावी ना होने दें. कार्यशाला में ऑडियो-वीडियो माध्यम से भी पदाधिकारियों को तनाव प्रबंधन के गुर बताये गए तथा तनाव को अपने उपर हावी नहीं होने देने के तरीकों से भी अवगत कराया गया.







