
जमशेदपुर : झारखंड में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नेशनल रजिस्ट ऑफ सिटीजन बिल (एनआरसी) के खिलाफ सभा और प्रदर्शन का दौर जारी है. इसी कड़ी में शुक्रवार को जमशेदपुर के मानगो गांधी मैदान में सभा आयोजित की गई. सभा को जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और भाकपा नेता कन्हैया कुमार और बिहार के पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को भी संबोधित करना था. हालांकि कन्हैया नहीं आ पाए. पप्पू यादव ने सभा में शिरकत की और संबोधित किया.
इस मौके पर पप्पू यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज एनआरसी हिंदू मुस्लिम के बीच सवाल नहीं रह गया है. हिंदुस्तान में बहुत सारी समस्या है पर मोदी हर बार मुस्लिम को ही निशाना बना रहे है. देश में 1.70 करोड़ लोगों के पास जमीन नहीं है. 30 करोड़ लोगो के पास घर नहीं है. 8.62 लाख लोगो के पास घर के कागजात नहीं है तो यहां के निवासी कैसे अपनी नागरिकता साबित करेंगे. देश के लोगो का खुन एक है. पुरानी सभ्यता में सभी एक थे. पर धीरे-धीरे धर्म बनने लगे, आइडियोलॉजी बनी पर सभी का खून एक ही है. मोदी जी पुलवामा में हुई घटना की जांच न कराकर तीन तलाक के पीछे पड़ गए. सरकार भ्रुण हत्या, लीव इन रिलेशन, दहेज हत्या जैसे अपराध को न रोककर एनआरसी के पीछे पड़ी है. उन्होने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार देश के लोगो में नफरत पैदा करना चाहती है. नोटबंदी के वक्त सात महिने तक लोग परेशान हुए, फिर जीएसटी, तीन तलाक और अब एनआरसी. इससे मुसलमानों को कुछ नहीं होगा.

देश में मौजूद दलित ही इससे परेशान होंगे. उन्होने सभा में मौजूद लोगो से कहा की एनपीआर के लिए कोई भी कागजात नहीं दे, न ही किसी तरह का फार्म भरे, एनपीआर से किसी को कोई परेशानी नहीं होगी. इस दौरान झामुमो नेता हिदायतुल्लाह खान, झामुमो के पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां, आल इंडिया माइनारिटी सोशल वेलफेयर फ्रंट के अध्यक्ष बाबर खान, कांग्रेस नेता बलदेव सिंह, झामुमो नेता शेख बदरुद्दीन, समेत अन्य लोग मौजूद रहे.

संविधान बचाओ संघर्ष समिति की हो चुकी सभा
गुरुवार को मानगो के गांधी मैदान में ही संविधान बचाओ सघर्ष समिति की सभा हुई थी. इसे सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता श्री अबूबकर ने संबोधित किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार वास्तविक मुद्दों से भटकाने के लिए एनआरसी लागू करने की फिराक में है. सभा में आदिवासी कुड़मी समाज के अजीत महतो, मुफ्ती सऊद आलम, मौलाना मंजर मोहसिन ने भी शिरकत की थी.
जुम्मे की नमाज के बाद विरोध
जमशेदपुर के गोलमुरी मस्जिद में जुम्मा की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के द्वारा एनआरसी का विरोध किया गया। इसमें मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद थे। मुन्ना इब्राहिम के नेतृत्व में कार्यक्रम किया गया।






