जमशेदपुर: झारखंड तेलुगु ब्राह्मण संघ (जेटीबीएस) ने शनिवार को कदमा स्थित आंध्र स्कूल सभागार में बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ आंध्र दिवस मनाया. इस अवसर पर जेटीबीएस के अध्यक्ष एनवीआर मूर्ति, संस्थापक जी गोपाल कृष्णा, विजय लक्ष्मी, मेजर के सत्यनारायण, बी श्रीनिवास, एमबी सुब्रह्मण्यम (कानूनी सलाहकार), सभी उपाध्यक्ष, के श्रीनिवास एवं वाई राममूर्ति सहित अन्य सदस्यों ने “अमर जीवी” पोत्ती श्रीरामुलु को पुष्पांजलि अर्पित की. श्री रामुलु ने भाषाई आधार पर आंध्र प्रदेश राज्य के गठन की मांग को लेकर भूख हड़ताल की थी. (नीचे भी पढ़ें)

“अमर जीवी” की उपाधि से सम्मानित पोत्ती श्रीरामुलु का 15 दिसम्बर 1952 को निधन हुआ था. उन्होंने अलग आंध्र प्रदेश राज्य की मांग को लेकर 58 दिन तक उपवास रखा था. उनका निधन 58 दिनों की भूख हड़ताल के दौरान हुआ था. वे अपनी अंतिम सांस तक अलग राज्य की अपनी मांग पर अडिग रहे. उनकी शहादत के परिणामस्वरूप ही आंध्र प्रदेश प्रांत का गठन हुआ, जो देश का पहला भाषाई आधार पर बना राज्य था. महात्मा गांधी ने श्रीरामुलु के समर्पण और उपवास की शक्ति की सराहना करते हुए कहा था, “यदि मेरे पास श्रीरामुलु जैसे ग्यारह और अनुयायी होते, तो मैं एक वर्ष में ब्रिटिश शासन से आज़ादी प्राप्त कर लेता.” (नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए, जिनमें आंध्र स्कूल परिसर में हर रविवार जेटीबीएस द्वारा संचालित तेलुगु कक्षाओं के छात्रों ने तेलुगु कविताओं का पाठ किया. जेटीबीएस ने आंध्र एसोसिएशन, कदमा और बीजी विलास, कदमा को हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया जिन्होंने अपना परिसर उपलब्ध कराकर संगठन के हर कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरा सहयोग किया. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम के दौरान एक उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि जेटीबीएस द्वारा संचालित कक्षा में तेलुगु सीख रहे बिहार वासी अमिताभ भारती ने तेलुगु कविता का धाराप्रवाह पाठ किया, जबकि पंजाबी अमनदीप ने भी तेलुगु गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया. कार्यक्रम का समापन जेटीबीएस द्वारा हाल ही में आयोजित नवरात्रि महोत्सव के “बोम्माला कोलुवु” प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ हुआ.




