
चाईबासा : कारगिर युद्ध के नायक जमशेदपुर के बेल्डीह बस्ती निवासी सेना के जवान मनोहर कुंकल का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके पैतृक आवास पश्चिम सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र के दोकट्टा गांव ले जाया गया. वहां उनको सैन्य सम्मान दिया गया. अंतिम सलामी सेना की ओर से दी गयी. राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. रांची से उनको सड़क मार्ग से मंझारी लाया गया. आपको बता दें कि तीन दिन पहले कारगिर युद्ध के नायक मनोहर कुंकल का निधन जम्मू कश्मीर के अमरनाथ में ड्यूटी के दौरान ऑक्सीजन की कमी और हार्ट अटैक से हो गयी थी. वे और उनका परिवार जमशेदपुर के बेल्डीह बस्ती में परिवार के साथ रहते थे, लेकिन वे मूलवासी पश्चिम सिंहभूम जिले का था. (नीचे पूरी खबर पढ़ें)

सरायकेला होते हुए उनके पार्थिव शरीर को पश्चिम सिंहभूम जिले के मंझारी गांव लाया गया. इस दौरान चाईबासा पोस्ट ऑफिस चौक पर जैसे ही पार्थिव शरीर पहुंचा, मनोहर कुंकल अमर रहे, भारत माता की जय के नारों से पूरा इलाका गूंजायमान हो गया. इस दौरान कई राजनीतिक दलों के लोगों ने उनको अंतिम सलामी दी. उसके बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी सशेंद्र बड़ाइक, एसडीपीओ दिलीप खलखो द्वारा एस्कार्ट कर उनके गांव मंझारी पार्थिव शरीर को ले जाया गया, जहां गांव में मातम पसरा हुआ था. लोगों ने उनको अंतिम सलामी दी. इस दौरान मनोहर कुंकल की पत्नी सुनीता कुंकल समेत पूरे पररिवार का रो-रोकर बुरा हाल था. (नीचे देखे तस्वीरें अंतिम विदाई की.)















