जमशेदपुर : मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में गुरुवार दोपहर एक महिला अटेंडर के पर्स से नकदी गायब होने का मामला सामने आया. हालांकि अस्पताल में तैनात होमगार्ड जवानों की तत्परता और सीसीटीवी कैमरे की मदद से पीड़िता को राहत मिल गई और आरोपी महिला ने पूरी राशि वापस कर दी. जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे एक महिला अटेंडर रोते हुए अस्पताल के पूछताछ केंद्र पहुंची और सुरक्षाकर्मियों को बताया कि चौथे तल्ले से उसका पर्स गायब हो गया है. पर्स में साढ़े तीन हजार रुपये से अधिक नकदी के साथ जरूरी कागजात भी थे. घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मियों ने तुरत चौथे तल्ले पर पहुंचकर छानबीन शुरू की. (नीचे भी पढ़ें)
जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरों का फुटेज खंगाला गया, जिसमें एक महिला पर्स खोलकर उसमें से पैसे निकालते हुए दिखाई दी. पता चला कि उक्त महिला अपने बच्चे को ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने अस्पताल आई थी. पहचान होने के बाद उसे पूछताछ केंद्र बुलाया गया. करीब एक घंटे तक पूछताछ के बाद महिला ने स्वीकार किया कि उसने पर्स की जांच की थी. बाद में उसने पीड़िता को साढ़े तीन हजार रुपये लौटाने की बात कही और राशि वापस कर दी. बताया गया कि आरोपी महिला मानगो के आजादनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली है, जबकि पीड़ित महिला सेरमा सोरेन (पति- हेमंत सोरेन) पश्चिम बंगाल के मानबाजार थाना क्षेत्र के बालीडीह गांव की निवासी है. वर्तमान में वह अपने पति के साथ गम्हरिया में रहकर मजदूरी करती है. (नीचे भी पढ़ें)
सेरमा सोरेन अपने बीमार पति का इलाज कराने एमजीएम अस्पताल आई थी. उनके पति पिछले सोमवार से मेडिसिन वार्ड के चौथे तल्ले में भर्ती हैं. खून चढ़ाने से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के दौरान वह गलती से अपना पर्स कुर्सी पर छोड़ गई थी. पर्स में रखी पूरी रकम गायब होने के कारण महिला काफी परेशान हो गई थी, लेकिन होमगार्ड जवानों की सक्रियता से उसे बड़ी राहत मिली. मौके पर होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय, पंकज झा, मुकेश पांडेय, प्रदीप मिश्रा एवं सूरज कुमार मौजूद थे.







