जमशेदपुर : भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस), जमशेदपुर शाखा कार्यालय द्वारा उद्योग सम्मेलन सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन बिष्टुपुर स्थित एक होटल में किया गया. यह कार्यक्रम उन उद्योगों के लिए आयोजित किया गया था जो अब तक बीआइएस प्रमाणन से नहीं जुड़े हैं, साथ ही ऐसे उद्योगों के लिए भी जो कुछ उत्पादों के लिए पहले से लाइसेंस प्राप्त कर चुके हैं लेकिन अन्य निर्मित उत्पादों के लिए अब तक लाइसेंस प्राप्त नहीं किया है. कुल 110 उद्योग प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया. कार्यक्रम के विशेष अतिथि टाटा स्टील के क्वालिटी हेड, ट्यूब डिवीजन ब्रज बिहारी प्रसाद तथा आदित्यपुर लघु उद्योग संघ के संतोक सिंह रहे. कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए बीआइएस के निदेशक कुणाल कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन उद्योगों के लिए आयोजित किया गया है जो अब तक बीआइएस प्रमाणन प्रणाली से नहीं जुड़े हैं, साथ ही उन उद्योगों के लिए भी जो अपने अन्य उत्पादों के लिए लाइसेंस लेना चाहते हैं. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने जानकारी दी कि 750 से अधिक उत्पाद अनिवार्य बीआइएस प्रमाणन के अंतर्गत आते हैं. पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा कास्ट आयरन, एल्यूमीनियम, तांबा, फुटवियर, खिलौने, फेरो एलॉय, विद्युत उपकरण जैसे उत्पादों पर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश जारी किए गए हैं, तथा फर्नीचर जैसे कई नए उत्पादों पर अगले वर्ष से अनिवार्य प्रमाणन लागू किया जाएगा. उन्होंने भारतीय मानक निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी भी दी और उद्योगों से अनुरोध किया कि वे अपने उत्पादों को भारतीय मानकों के अनुरूप बनाएं. उन्होंने उपस्थित सभी हितधारकों से अनुरोध किया कि वे प्रत्येक शुक्रवार को बीआइएस के यूट्यूब चैनल पर ‘स्टैंडर्ड वॉच’ ऑडियो-विजुअल बुलेटिन अवश्य देखें. ब्रज बिहारी प्रसाद ने अपने संबोधन में बताया कि टाटा स्टील बीआइएस के साथ निरंतर सहयोग में कार्य कर रहा है और सभी आवश्यक मानकों का पालन करता है. उन्होंने प्रतिभागियों को आश्वस्त किया कि एक मानक अनुभाग समिति के सदस्य के रूप में वे एमएसएमइ उद्योगों को क्यूसीओ के सुचारू कार्यान्वयन में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं. संतोक सिंह ने सभी गैर-लाइसेंसी उद्योगों से, विशेष रूप से कास्ट आयरन कॉम्पोनेंट और फेरो एलॉय निर्माताओं से, शीघ्र बीआइएस लाइसेंस के लिए आवेदन करने का आग्रह किया. (नीचे भी पढ़ें)
इस दौरान तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया. इसमें वैज्ञानिक-ई ने बीआइएस कौशलेंद्र कुमार ने इसकी गतिविधियों एवं विभिन्न प्रमाणन योजनाओं की जानकारी दी. वैज्ञानिक-डी प्रभुनाथ यादव ने अनिवार्य प्रमाणन वाले उत्पादों की पहचान की प्रक्रिया, लाइसेंसिंग प्रक्रिया, चेकलिस्ट, शुल्क संरचना की जानकारी दी और मानक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया. वैज्ञानिक-डी दिलीप चट्टार ने लाइसेंस प्राप्त करने के दिशा-निर्देश एवं लाइसेंस की शर्तों की विस्तृत जानकारी दी. कार्यक्रम बहुत ही इंटरएक्टिव रहा और लगभग 10 उद्योग प्रतिनिधियों ने शीघ्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने की इच्छा जताई. कार्यक्रम में बीआइएस की भूमिका और कार्य, मानकीकरण की प्रक्रिया और लाभ, विभिन्न प्रमाणन योजनाओं का विवरण, गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओएस) और उनकी प्रयोज्यता, आइएसआइ मार्क और लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया, ऑनलाइन आवेदन प्रणाली (मानक ऑनलाइन पोर्टल), शुल्क संरचना, निरीक्षण प्रक्रिया, परीक्षण और लाइसेंसिंग की समयसीमा पर चर्चा की गयी.



