
जमशेदपुर : जमशेदपुर भाजपा के अध्यक्ष समेत कई पदों पर रह चुके बिहार के मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह जमशेदपुर के दौरे पर है. वे यहीं पले बढ़े है और यहीं से उनकी राजनीतिक पृष्टभूमि शुरू होती है. बिहार में उनको कृषि मंत्री बनाया गया है. अमरेंद्र प्रताप सिंह के मंत्री बनने से जमशेदपुर की जनता और जमशेदपुर के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है. यहीं वजह है कि उनका दो दिनों से अभिनंदन हो रहा है. अमरेंद्र प्रताप सिंह का जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में भव्य स्वागत समारोह आयोजित हुआ. इसमें किसी पार्टी का नाम तो नहीं था, लेकिन अधिकांश लोग भाजपा के ही थे और भाजपा के नेताओं द्वारा ही इसका आयोजन किया गया था. इसके संयोजक भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय श्रीवास्तव थे. अजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में अमरेंद्र प्रताप सिंह का यहां भव्य स्वागत किया गया. इस स्वागत समारोह में मंच पर अमरेंद्र प्रताप सिंह के साथ भाजपा के पुराने दिग्गज मनोरंजन दास, एके श्रीवास्तव, महेश चंद्र शर्मा, जयनारायण सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष ब्रह्मदेव सिंह शर्मा तो थे ही बल्कि सांसद विद्युत वरण महतो और भाजपा के पूर्व प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले भी मंचासीन थे. इन लोगों ने मिलकर पहले तो अमरेंद्र प्रताप सिंह का भव्य स्वागत किया.

इस स्वागत से खुद अमरेंद्र प्रताप सिंह ओतप्रोत हो गये. उनका जोरदार अभिनंदन किया गया. बिष्टुपुर तुलसी भवन में करीब 600 से ज्यादा कार्यकर्ताओं और नेताओं का जमावड़ा था, जिसमें ज्यादातर लोग भाजपा के ही थे. इस दौरान उन्होंने जमशेदपुर में गुजारे हुए दिनों और संगठन को मजबूत बनाने के अपने संकल्प को दोहराया. इस दौरान उनका नागरिक अभिनंदन किया गया. विभिन्न संस्थाओं और संगठनों के अलावा भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा उनका अभिनंदन किया गया. इस कार्यक्रम के दौरान खुद बिहार के मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने झारखंड में भाजपा की हार पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा कि चुनाव की राजनीति में हार और जीत लगा रहता है. लेकिन कार्यकर्ताओं और नेताओं को इससे मायूस नहीं होना चाहिए. अगर आप मन से हार गये तो आप फिर जीत नहीं सकते है. लेकिन आप सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए जनता के बीच काम करते है तो निश्चित तौर पर आपकी जीत सुनिश्चित होगी और जनता का दिल और मन जीत लेंगे. इस कारण अपना मनोबल बढ़ाये रखें, भाजपा झारखंड में वापस होगी. यह कार्यक्रम दोपहर के वक्त आयोजित हुआ, जिसमें सभी लोगों ने अपने मन की बात की. इस दौरान इस मंच से भाजपा से निष्कासित किये गये नेताओं और कार्यकर्ताओं के बारे में बिहार के मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बोला. अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बहुत जल्द भाजपा से निष्कासित किये गये नेताओं और कार्यकर्ताओं की वापसी होगी. इसकी वापसी के लिए हम खुद बात भी करेंगे और संगठन को मजबूत करने के लिए इस तरह के कदम केंद्रीय नेतृत्व जरूर उठायेगी, ऐसा उनको भरोसा है. उनके इस घोषणा से सारे लोगों ने उनका खड़े होकर तालियां बजाकर स्वागत किया. आपको बता दें कि भाजपा के कद्दावर नेता के रुप में अमरेंद्र प्रताप सिंह को जाना जाता है. हाल ही में चुनाव के वक्त भाजपा के नेता अमरप्रीत सिंह काले समेत कई लोगों को भाजपा ने निष्कासित कर दिया था. इसको लेकर राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है. इस कड़ी में अमरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा की गयी इस घोषणा से भाजपाइयों में नया जोश भर गया है. बिहार के मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह जमशेदपुर दौरे पर हैं. वैसे एक जमाने में एपी सिंह जमशेदपुर महानगर भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं. जमशेदपुर उनकी राजनीतिक पाठशाला रही है.

बिहार के साथ बंटवारे के बाद उन्होंने बिहार की राह पकड़ी और लगातार आरा से जीतते रहे हैं. वर्तमान बिहार सरकार में वे मंत्री भी हैं. मंत्री बनने के बाद एपी सिंह जमशेदपुर दौरे पर पहुंचे हैं. जहां शुक्रवार से ही भाजपा कार्यकर्ता उनके स्वागत में जुटे हैं. शनिवार को तुलसी भवन में भाजपा की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचे ए पी सिंह कार्यकर्ताओं के आवा भगत से अभिभूत नजर आए वही अपने संबोधन के दौरान पूर्व के दिनों को याद करते हुए एपी सिंह भावुक नजर आए. उन्होंने झारखंड भाजपा की देन बताते हुए कहा कि अगर भाजपा नहीं चाहती तो अलग झारखंड राज्य नहीं बन पाता. वहीं राज्य में मिले चुनावी हार से सबक लेते हुए आने वाले दिनों के लिए कार्यकर्ताओं से एकजुट होने की अपील की. उन्होंने भाजपा के नए कार्यकर्ताओं से पुराने कार्यकर्ताओं का सम्मान करने और उनका आदर करने की अपील की. उन्होंने बताया, कि भाजपा ने कश्मीर को पूर्ण रूप से भारत का अंग बनाया. साथ ही राम मंदिर बनाने का संकल्प भी पूरा किया. वहीं देश में जारी किसान आंदोलन के सवाल पर उन्होंने पंजाब और हरियाणा के किसानों पर भ्रमित होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, कि वे गुमराह हो रहे हैं. बिहार और झारखंड के अलावा अन्य राज्यों के किसानों के साथ ऐसी स्थिति नहीं है. उन्होंने किसान आंदोलन को राजनीतिक आंदोलन करार दिया. वहीं झारखंड के वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार की तुलना में पूर्व की भाजपा सरकार को ज्यादा प्रभावशाली बताया वही देश पर में कोरोना को नियंत्रण में होने की बात उन्होंने कही.




