
जमशेदपुर : जमशेदपुर भाजपा के सोनारी मंडल की शांति होने के बाद अब घोड़ाबांधा मंडल में भी विवाद उभरकर सामने आ गया है. शनिवार को कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, लेकिन इसमें कई नेता और कार्यकर्ता नदारद रहे. इसकी वजह मंडल के लोगों के प्रति उनका अविश्ववास और आपसी गुटबाजी. भारतीय जनता पार्टी घोड़ाबांधा मंडल का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का घोड़ाबांधा श्री कृष्ण विहार में शुभारम्भ हुआ. शनिवार और रविवार को कुल 10 सत्रों के साथ समाप्त होगा. उदघाटन सत्र में प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने प्रशिक्षण दिए. इसके बाद अलग-अलग विषयों पर जटाशंकर पांडेय, मिथिलेश यादव, दिनेश कुमार, अनिल मोदी एवं प्रथम दिन के अंतिम सत्र में सांसद विद्युत वरण महतो ने प्रशिक्षण दिया. घोड़ाबांधा के शिविर में मंडल अध्यक्ष दीपक पाल, जिला महामंत्री राकेश सिंह, जिला मंत्री जितेंद्र राय, पूर्व पार्षद गणेश सोलंकी, अनिल श्रीवास्तव एवं मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यसमिति के सभी सदस्य शामिल हुए. दूसरी ओर, घोड़ाबांधा मंडल के खिलाफ एक पत्र प्रशिक्षण प्रमुख अभय सिंह, जिला अध्यक्ष गुंजन यादव, प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, महामंत्री संगठन धर्मपाल समेत अन्य लोगों को भेजा गया है. इस पत्र में आ3रोप लगाया गया है कि जमशेदपुर महानगर अंतर्गत घोड़ाबंधा मंडल में विगत कुछ समय से गुटबाजी चरम पर है. पार्टी संगठन के संविधान एवं मूल्यों की तिलांजलि देकर अनुशासनहीनता को प्रोत्साहित की जा रही है. हाल ही में नये मंडल अध्यक्ष के मनोनयन से लेकर मंडल स्तरीय कार्यसमिति विस्तार तक में घोर मनमानी और पार्टी संविधान की अवमानना को अंजाम दिया गया है.

पार्टी हित की उपेक्षा करते हुए व्यक्तिगत हित को केंद्र में रखकर कार्यसमिति का विस्तार किया गया. पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं की घोर उपेक्षा भी समझ से परे है. विगत विधानसभा चुनाव 2019 में जमशेदपुर पूर्वी के पार्टी प्रत्याशी सहित जुगसलाई विधानसभा के उम्मीदवार के विरुद्ध खुलकर नकारात्मक प्रचार करने वालों को कार्यसमिति विस्तार के क्रम में सम्मान से नवाजा गया है, जो अत्यंत चिंताजनक एवं कष्टप्रद है. सरकारी ज़मीन को अवैध रूप से खरीद फ़रोख़्त करने वाले माफिया तत्वों तथा अवैध बालू उत्खनन करने वालों को मंडल कार्यसमिति में महत्वपूर्ण पद/सम्मान से विभूषित करना सुचितापूर्ण राजनीति पर घोर अतिक्रमण है. उक्त कृत्य भारतीय जनता पार्टी के सिद्धांत एवं उद्देश्यों के विपरीत कृत्य आचरण है. खड़ंगाझार क्षेत्र जो कि मत प्रतिशत के मायने से भी अति महत्वपूर्ण है तथा सीधे तौर पर जमशेदपुर पूर्वी की राजनीति में भी जिम्मेदार प्रभाव रखती है, उक्त क्षेत्र को उपेक्षित रखना राजनीतिक रूप से भी अत्यंत गैरजिम्मेदाराना निर्णय है. इस पर पुनर्विचार अत्यावश्यक है. कुल मिलाकर जिला एवं प्रदेश नेतृत्व को कार्यकर्ताओं के मन की बात से अवगत कराना अपनी जिम्मेदारी समझता हूँ. यह आवश्यक भान होती है कि गुटबाजी पर विराम लगाने तथा राजनीतिक रूप से भारतीय जनता पार्टी को सशक्त बनाने के पावन, शास्वत उद्देश्य से शीघ्रातिशीघ्र साकची पूर्वी की भाँति घोड़ाबंधा मंडल को उचित रूप से विभाजित करते हुए खड़ंगाझार मंडल का सृजन संगठन हित में करने की अनुशंसा की जाये. इस पत्र के बाद हड़कंप मच चुका है और घोड़ाबांधा मंडल में रस्साकसी और तेज हो गयी है.



