
Jamshedpur : हेमंत सोरेन की सरकार स्वास्थ्य के मामले में सुपर फेल हुई है, उनके स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता बड़ी-बड़ी डींगे हाकतेथ थे. स्वास्थ्य मंत्री के क्षेत्र में ही एमजीएम अस्पताल है, वहां की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है. वहां के अधीक्षक एवं उप अधीक्षक लाचार व्यवस्था एवं संसाधनों की कमी के चलते परेशान हैं. इस्तीफा भी देना चाहते हैं. यह बात भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष, पूर्वी सिंहभूम, देवेंद्र सिंह ने कही. कोरोना काल में ऑक्सीजन एवं वेंटिलेटर, पीपी किट की आवश्यकता पड़ती है, जिसका पूर्ण अभाव है. केवल एक हॉस्पिटल बचा है. टाटा मेन हॉस्पिटल, वहां पर मरीजों की इतनी भीड़ है कि वह अस्पताल भी लगभग आत्मसमर्पण कर चुका है.
श्री सिंह ने कहा है कि एक-एक मरीज के दाखिला के लिए बड़ी-बड़ी पैरवी की जा रही है, वहां भी वेंटिलेटर की कमी हो चुकी है. प्रतिदिन 2-4 मरीज वेंटिलेटर के अभाव में मर रहे हैं. उसका उदाहरण हैं जमशेदपुर के नामी अधिवक्ता जीएस जायसवाल. प्रतिदिन रोटी के अभाव में भी लोग आत्महत्या कर रहे हैं. केवल चार-पांच दिनों के अंदर आधा दर्जन लोगों ने आत्महत्या कर ली. ,कारण कि उनके सामने रोजगार की चुनौती थी. हेमंत सरकार असफल साबित हो रही है. जब दिल्ली में कोरोना के मरीज डेढ़ लाख से पार किया तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह के पास जाकर शरणम गच्छामि हो गए.
देवेंद्र सिंह ने कहा है कि अमित शाह ने इस बीमारी पर नियंत्रण भी किया, केवल अभी वहां 11000 ही कोरोना के मरीज है, हमें लगता है कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, हेमंत सोरेन को समझाएं कि वह भी अमित शाह के यहां शरणम गच्छामि हो जाए्ं, ताकि झारखंड में भी स्वास्थ्य की सुविधाएं मजबूत हो जाए. अधिकतर लोग मरने से बचें, प्रधानमंत्री जो अनाज झारखंड को भेज रहे हैं उसका सही तरीके से लाचार व्यक्ति के पास वितरण भी हो जाए ताकि कोई व्यक्ति भूखे नहीं मरें.








