
जमशेदपुर : लॉकडाउन के दौरान बाजार में मंदी छा गई है, जिससे लगभग हर क्षेत्र के लोग इस मंदी की मार झेल रहे है. 23 अप्रैल से अब तक जमशेदपुर की कंस्ट्रक्शन कंपनियों को 15 सौ करोड़ के नुकसान होने का आकलन है. जमशेदपुर के विभिन्न कंस्ट्रक्शन कंपनियों में लगभग एक लाख स्थायी और अस्थायी कर्मचारी कार्यरत है. लोगो का कहना है कि अगर इस तरह लॉकडाउन जारी रहा तो कर्मचारियों को वेतन देना भी मुश्किल हो जायेगा. बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के जमशेदपुर सेंटर ने इस मामले को लेकर ऑनलाइन बैठक की. इसके बाद निर्णयानुसार कंस्ट्रक्शन का काम शुरू करने को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया. पत्र के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय के गाइडलाइन के अनुसार कंस्ट्रक्शन कार्य शुरू करने की मांग की गई है. लॉकडाउन में उत्पन्न स्थितियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए प्रतिबन्ध हटाने की मांग की गई है. ऑनलाइन बैठक में जमशेदपुर सेंटर के चेयरमैन सुरेन्द्र पाल सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे. इन लोगों ने कहा है कि रेरा का कानून, जीएसटी की दबिश और ऊफर से इस तरह का मंदी की स्थिति ने कमर तोड़कर रख दी है. ऊपर से लॉकडाउन ने तो पूरा कारोबार ही चौपट कर दिया है. इस कारण बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के जमशेदपुर सेंटर के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा है कि जीएसटी में छूट दिया जाना चाहिए जबकि कई अन्य सुविधाएं बिल्डरों को मिलना चाहिए ताकि उनका भी रोजी रोजगार बच सके. बिल्डिंग सेक्टर ही सबसे अहम सेक्टर है, जिसमें सबसे ज्यादा रोजगार लोगों को मिलता है. इन सारे रोजगार को बचाने के लिए जरूरी है कि बिल्डिंग सेक्टर को ही बचाया जाये. इसके लिए पहल करने की जरूरत है.







